तीर्थ स्थली जगन्नाथपुरी में राष्ट्रीय परशुराम परिषद का हुआ भव्य सम्मेलन*

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तीर्थ स्थली जगन्नाथपुरी में राष्ट्रीय परशुराम परिषद का हुआ भव्य सम्मेलन*

 *तीर्थ स्थली जगन्नाथपुरी में राष्ट्रीय परशुराम परिषद का हुआ भव्य  सम्मेलन*

*परशुराम जी की कथा का हुवा आयोजन*

*राष्ट्रीय कार्यकारिणी की ऐतिहासिक बैठक संपन्न*

(जगन्नाथ पुरी से मनोज पुरोहित,मनोज उपाध्याय की विशेष रिपोर्ट)

भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और राष्ट्र चेतना के संवर्धन हेतु समर्पित राष्ट्रीय परशुराम परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अत्यंत महत्वपूर्ण, ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी बैठक भगवान जगन्नाथ की पावन धरा पुरी , ओडिशा में  संपन्न हुई। 


परशुराम शक्ति वाहिनी की राष्ट्रीय अध्यक्षा डॉ. चिदात्मिका खटुआ के नेतृत्व में हुआ आयोजन उन्होंने बताया कि यह बैठक केवल संगठनात्मक समीक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि राष्ट्रहित, सांस्कृतिक पुनर्जागरण, सामाजिक समरसता, युवा जागरण, जनसेवा और संगठन के भावी राष्ट्रीय स्वरूप को लेकर अनेक ऐतिहासिक प्रस्तावों एवं महत्वपूर्ण निर्णयों की साक्षी बनी।

,,,,*बैठक में लिए कई निर्णय*,,

बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से आए राष्ट्रीय, प्रांतीय एवं जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने संगठन की आगामी कार्ययोजना, सेवा अभियानों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सदस्यता विस्तार, आर्थिक


सुदृढ़ीकरण तथा राष्ट्रव्यापी जनजागरण अभियान पर विस्तृत मंथन किया। सर्वसम्मति से यह संकल्प व्यक्त किया गया कि आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय परशुराम परिषद को भारत के प्रत्येक राज्य, प्रत्येक जिले और प्रत्येक ब्लॉक तक सशक्त रूप से स्थापित कर समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा, संस्कार और संगठन का संदेश पहुँचाया जाएगा।

,,,,,*हुवा परशुराम जी कथा का आयोजन*,,, 

राष्ट्रीय परशुराम परिषद उड़ीसा द्वारा लगातार 17 वर्षों से पूरी में आयोजन चल रहा इस बार दाहोद गुजरात से पधारे हरि हर सेवा संस्थान के संस्थापक आचार्य जैमिन शुक्ल द्वारा विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम जी कथा का रसपान करवाया जिसमें सभी भक्तों ने जय श्री परशुराम के नारे से पंडाल गूज उठा

*परशुराम के आदर्शों को जन तक पहुंचाकर भारत में राष्ट्रीय वैभव स्थापित करना कि परिषद का संकल्प:संस्थापक सुनील भराला*

राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संस्थापक, वरिष्ठ समाजसेवी एवं उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री पंडित सुनील भराला ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का कालखंड है और ऐसे समय में भगवान श्री परशुराम के आदर्श सम्पूर्ण समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम केवल किसी एक समाज के नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए सत्य, धर्म, न्याय, पराक्रम, त्याग, आत्मसम्मान और राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक हैं। उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाना ही राष्ट्रीय परशुराम परिषद का सर्वोच्च ध्येय है।


उन्होंने कहा कि परिषद आने वाले समय में समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक संरक्षण, युवा सशक्तिकरण, महिला नेतृत्व, शिक्षा, सेवा और राष्ट्रीय एकता के क्षेत्र में व्यापक जनआंदोलन खड़ा करेगी। उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे संगठन को केवल एक संस्था नहीं बल्कि राष्ट्रसेवा का सशक्त माध्यम मानकर कार्य करें।

     *भगवान श्री परशुराम राष्ट्रीय तीर्थ* *राष्ट्रीय अध्यक्षा डॉ. चिदात्मिका खटुआ* 


बैठक का सबसे महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक विषय "भगवान श्री परशुराम राष्ट्रीय तीर्थ परिपथ (श्री परशुराम सर्किट)" रहा। इस महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय परियोजना के अंतर्गत भगवान श्री परशुराम से जुड़े देशभर के प्रमुख तीर्थस्थलों को एक समग्र राष्ट्रीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक परिपथ के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया। परिषद का मानना है कि यह पहल न केवल भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाएगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन, स्थानीय विकास, सांस्कृतिक अध्ययन तथा सनातन परंपराओं के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार, भारतीय पारिवारिक मूल्यों के संरक्षण, सामाजिक समरसता को मजबूत बनाने, संस्कारित एवं जागरूक युवा पीढ़ी के निर्माण, जनसंख्या संतुलन जैसे राष्ट्रीय विषयों तथा हिंदू समाज से जुड़े समसामयिक मुद्दों पर गंभीर चर्चा की। सभी सदस्यों ने समाज में सकारात्मक विचार, राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक आत्मगौरव को सशक्त बनाने हेतु व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने का निर्णय लिया।



*सदस्ता अभियान को बढ़ावा देना*,,

बैठक में संगठन की वर्तमान आर्थिक स्थिति की समीक्षा करते हुए आर्थिक स्वावलंबन, संसाधन विकास, देशव्यापी सदस्यता अभियान, डिजिटल सदस्यता प्रणाली, जिला एवं ब्लॉक स्तर तक संगठन विस्तार, प्रशिक्षण शिविरों के आयोजन तथा आगामी राष्ट्रीय कार्यक्रमों की विस्तृत कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया। साथ ही हरिद्वार एवं नासिक कुंभ में विशाल सेवा शिविरों के संचालन, गोवा में भगवान परशुराम अनुसंधान एवं अध्ययन केंद्र की स्थापना तथा प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया के माध्यम से संगठन की गतिविधियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रसारित करने की रणनीति भी तैयार की गई।सभी पधारे अतिथियों,पत्रकारों, समाजसेवी का स्वागत सम्मान किया 


*इनकी रही उपस्थिति*,,,,

बैठक में परशुराम शक्ति वाहिनी की राष्ट्रीय अध्यक्षा डॉ. चिदात्मिका खटुआ, राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन)  विनय शर्मा, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष रजनीश त्यागी, राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष  सुनील दत्त शर्मा, राष्ट्रीय परशुराम स्वाभिमान सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष  अजय भराला, मध्य प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष  कपिल तिवारी, ओडिशा प्रभारी  संतोष कुमार साहू, संयोजक  रजनीकांत मिश्रा, मीडिया प्रभारी  चंद्रशेखर पति सहित राष्ट्रीय, प्रांतीय, जिला एवं विभिन्न प्रकोष्ठों के गुजरात से मौसम जोशी,शिवम त्रिवेदी मायप्रदेश से मनोज उपाध्याय साथ ही दिल्ली,झारखंड,अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, प्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

 



 

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