*“मेरा काम ही मेरी पहचान थी” — सफ़ाई कर्मी शकूबाई शिंदे ने ली अंतिम विदाई*
(मनोज पुरोहित)
पेटलावद। ग्राम पंचायत झकनावदा में वर्षों तक निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता के साथ अपनी सेवाएँ देने वाली सफ़ाई कर्मी श्रीमती शकूबाई पति हीरालाल शिंदे का लंबी बीमारी के बाद दुःखद निधन हो गया। उनके निधन से पूरे ग्राम पंचायत क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। श्रीमती शकूबाई शिंदे अपने सरल स्वभाव, कर्मठता और काम के प्रति समर्पण के लिए जानी जाती थीं। वे अक्सर कहा करती थीं कि “मेरा काम ही मेरी पहचान है”, और उन्होंने अपने इस विचार को जीवन भर निभाया। बीमारी के बावजूद वे अंतिम समय तक अपने कर्तव्यों को
लेकर चिंतित रहती थीं। उनका अंतिम संस्कार नगर के निकट मधुकन्या नदी स्थित मुक्ति धाम पर परिजनों, ग्रामवासियों की उपस्थिति में धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन ,परिजन शामिल हुए और नम आँखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
ग्राम पंचायत झकनावदा के जनप्रतिनिधियों व कर्मचारियों ने शकूबाई शिंदे के निधन को पंचायत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि शकूबाई शिंदे जैसी कर्मठ और जिम्मेदार कर्मचारी बहुत कम होती हैं, जिन्होंने अपने काम से समाज में स्वच्छता और सेवा का संदेश दिया।
परिजनों पर आए इस दुःख की घड़ी में पूरे ग्राम पंचायत क्षेत्र ने संवेदना व्यक्त की है और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें।

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