शिक्षा का मंदिर बना राजनीतिक अखाड़ा,, एकलव्य आदर्श विद्यालय में हाई वोल्टेज ड्रामा.

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शिक्षा का मंदिर बना राजनीतिक अखाड़ा,, एकलव्य आदर्श विद्यालय में हाई वोल्टेज ड्रामा.

 ,,,,शिक्षा का मंदिर बना राजनीतिक अखाड़ा,, 

एकलव्य आदर्श विद्यालय  में हाई वोल्टेज ड्रामा.

06 घंटे तक छात्र, छात्राएं स्टाफ सहित बैठे धरने पर 

 थांदला ,,मनोज उपाध्याय,,

थांदला के समीप मेघनगर विकासखंड के ग्राम चैनपुरा में स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में करीब 400 से ज्यादा बच्चे अध्यनरत है कल सुबह से ही विद्यालय परिसर में बच्चों एवं स्टाफ का जमावड़ा शुरू हो कर शाम 05 बजे तक धरना प्रदर्शन व प्राचार्य महोदया के खिलाफ आक्रोश नजर आ रहा था कल ही विद्यालय में धरना शुरू हुआ जिला प्रशासन के आला अधिकारी ने तत्परता दिखा कर अविलंब जांच कमेटी भी बना दी एवं

जांचकरता अधिकारी के रूप में HM से पदोन्नत कथित व्याख्याता वर्तमान में BO पद पर पदस्थ नारायणसिंह नायक एवं मनीष पालीवाल वर्ग 01शिक्षक जो की स्वयंभू प्रभारी प्राचार्य (नौगांवा) जो की उच्चअधिकारियों की चरण वंदना से इस पद पर काबिज़ है।

एकलव्य आदर्श विद्यालय की उच्च स्तरीय प्राचार्य की जांच का जिम्मा निम्न पद पर आसीन व्याख्याता एवं उच्च शिक्षक को दिया गया है ये उच्च अधिकारियों की कार्यक्षमता पर विचारणीय प्रश्न है जैसा की देखने में आया की शैक्षणिक व्यवस्था के संदर्भ में कोई समस्या तो थी ही नहीं इसके अलावा जिले के अधिकारियों द्वारा संबंधित एकलव्य विद्यालय के प्राचार्य से वार्तालाप करना भी मुनासिब नहीं समझा।

सूत्रों की माने तो करीब 05घंटे चले इस हाई वोल्टेज ड्रामे में जांच अधिकारी सहित स्थानीय प्रशासन भी टाइम पास करते देखे गए जब इस ड्रामे को दरकिनार कर हमने एकलव्य आदर्श विद्यालय की प्राचार्य से बातचीत करने की चाही तो बड़ी शिद्दत के साथ उन्होंने अपना पक्ष रखते हुवे कई खुलासे किए गए जो की जिले के उच्च

अधिकारियों के कार्य प्रणाली पर प्रश्न चिन्ह खड़े करता है वहीं जनप्रतिनिधियों द्वारा भी विद्यालय में दखल अंदाजी कर कार्य प्रभावित करने की कोशिश की जाती रही है वो ही दृश्य आज हमने पूर्व नियोजित प्लान के तहत प्राचार्य के खिलाफ धरना प्रदर्शन के रुप में देखने को मिला जिसमें छात्र, छात्राओं सहित संपूर्ण स्टाफ का भरपूर उपयोग किया गया।


बहरहाल जिस गुरु द्रोणाचार्य ने अपने शिष्य एकलव्य को गुरु दक्षिणा के तौर पर उसके हाथ का अंगूठा गुरु दक्षिणा में लिया था वहीं धनुधर एकलव्य के नाम से स्थापित विद्यालय वर्चस्व के चलते राजनीतिक अखाड़ा बन गया है अब जांच के नाम से महज औपचारिकता ही साबित होगी। 

क्या कहते है अधिकारी
मेरे द्वारा कभी भी जातिसूचक शब्दों का प्रयोग नहीं किया है मेरी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है 
उपदीप कौर 
प्राचार्य एकलव्य विद्यालय चैनपुरा 

 एकलव्य विद्यालय में बच्चों एवं स्टाफ के द्वारा धरने की खबर पता चली तत्काल जांच अधिकारी नियुक्त कर में स्वयं मौके पर पहुंची जांच होने के पश्चात ही स्थिति स्पष्ट हो पावेगी।
श्रीमती सुप्रिया बिसेन 
सहायक आयुक्त झाबुआ

 



 

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