*फिटनेस क्लबो के दौर में लुप्त हो रही अखाड़ो ओर व्यायामशालाओं की परंपरा को जिंदा रखने का प्रयास करते श्रीराम मंदिर व्यायामशाला के युवा*
*पण्डित पीयूष जोशी के नेतृत्व में वनवासी बन्धु जुड़ रहे पुरातन परम्पराओ से, ढोल ग्यारस पर निकालेंगे देसी अखाड़ा*
*धर्म,शोभायात्राओ ओर जूलूसो को सरंक्षण देने वाले संस्थाओ के रूप मे पहचाना जाता था कभी अखाड़ों ओर व्यायामशालाओं को*
*भारत देश को जीत के मैडल दिलाया है अंतराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान*
(मनोज पुरोहित)
पेटलावद।पुरातन काल मे जब हमारी शिक्षा पद्धति गुरुकुल प्रणाली से चलती थीं। तब वन में रहकर मानसीक रूप से मजबूत करने के लिये जहां विद्यार्थियों को वेदों की शिक्षा दी जाती थी तो शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए व्य्यायाम ओर आसन योग सीखाया जाता था। ओर धीरे धीरे व्यायामशाला ओर अखाड़ा पद्धति ने हमारे समाज मे प्रवेश किया ।
*मजबूत शरीर के साथ शोभायात्राओ,धार्मिक आयोजनों को सरंक्षण देने वाली संस्थाओ के रूप में रही व्यायामशाला ओर अखाड़ों कि पहचान*
99 -2000 तक के दशक में हमारे हर गाँव हर शहर हर कस्बे में व्यायामशालाये हुआ करती थी और इन व्यायाम शालाओं में बच्चे को न सिर्फ़ प्राकृतिक पुरातन तरिके से शारीरिक रूप से मजबूत किया जाता था बल्की ये व्यायमशालाये धर्म और मंदिरों की रक्षा और धार्मिक आयोजनों, धर्मयात्राओ , जुलूसों को सरंक्षित करने वाली संस्थाओं के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान भी रखती थी ।
*अंतराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया है भारत देश का मान*
व्यायामशालाओं से प्रशिक्षित होने वाले छात्रों ने वेटलिफ्टिंग, कुश्ती, कबड्डी जैसे खेलो में भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर ऊंचा किया है। आज भी राष्ट्रीय खेलो के दौरान इन विधाओं में पारंगत छात्र छात्राएं भारत देश को गोल्ड,सिल्वर ओर कांस्य पदक जीत करके दिलवा रहे है।
*फिटनेस क्लबो के दौर में व्यायामशाला ओर अखाड़े हो रहे लुप्त*
लेकिन पिछले कुछ सालों में इन व्यायामशालाओं का स्थान आधुनिक जिम ओर फिटनेस क्लबो ने ले लिया है। इन फिटनेस क्लबो में भी आधुनिक मशीनो ओर तोर तरीको से शारिरिक रूप से मजबूत करने का प्रयास किया जाता है। लेकीन जो शरीर व्यायामशालाओ में कसरत करके बनता था उसका आज भी कोई तोड़ नही ।धीरे धीरे भारतिय समाज की ये व्यायामशालाओं कि परम्परा लुप्त सी होती जा रहीं है।
*लुप्त हो रही परम्परा को जीवित रखने का प्रयास करते राम मोहल्ला के युवा*
इसी लुप्तप्राय होती परम्परा को हमारे नगर की अयोध्या माने जाने वाले राम मोहल्ला स्थित श्री राम मंदिर पर पुजारी पण्डित पीयूष जोशी के प्रयासों से जीवित रखने का प्रयास किया जा रहा है। और पिछले 03 वर्षों से पण्डित पीयूष जोशी, मनोज पुरोहित , कन्हैयालाल पहलवान (कन्नू भाई) आदि के द्वारा राम मोहल्ला ओर तलावपडा के युवाओं को एकत्रित करके प्रतिदिन न सिर्फ़ योग, व्यायाम और कसरत करवाई ओर सिखाई जाती है , बल्कि अखाड़े के दांवपेच कि ट्रेनिग भी दी जारही है ।
*ढोल ग्यारस पर निकालेंगे अखाड़ा*
अक्सर हमारे यहां शिवरात्रि ओर श्रावण मास में भगवान श्री नीलकंठेश्वर महादेव की शाही सवारी निकलती है तब आयोजकगण बाहर से बड़े बड़े अखाड़ों को बुलाते है जिनके करतब देखकर नगरवासी दाँतो तले उंगलियां दबा लेते है। पण्डित पीयूष जोशी के अनुसार इस बार डॉल ग्यारस 03 सितंबर बुधवार को नगर कि परम्परागत झाँकीयो के साथ श्री राममंदिर व्यायामशाला के युवा भी अपना अखाड़ा निकालेंगे।

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