सिविल अस्पताल थांदला में महिला मरीज के उपचार को लेकर विवाद
महिला मरीज ने उपचार में देरी का लगाया आरोप, चिकित्सक के व्यवहार पर उठे सवाल
विभागीय जांच का आश्वासन
थांदला
स्थानीय सिविल अस्पताल थांदला में महिला मरीज के उपचार को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। परिजनों के अनुसार, महिला मरीज दर्द से परेशान थी और चिकित्सकीय जांच के लिए उसे काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। लगभग 25 मिनट बाद नंबर आने पर महिला विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. प्रदीप भारती द्वारा मरीज की जांच करने से इनकार किए जाने का आरोप लगाया गया है।
परिजनों का कहना है कि चिकित्सक ने यह कहते हुए जांच करने से मना किया कि वे केवल प्रसूति संबंधी कार्य देखते हैं। इस दौरान अस्पताल में स्थिति को लेकर कुछ देर हंगामा हुआ। सूचना मिलने पर डॉ. मनीष दुबे ने तत्काल मरीज को देखा तथा आवश्यक उपचार शुरू करवाया। मरीज को बोतल एवं इंजेक्शन लगाकर उपचार प्रदान किया गया।
मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में मरीजों को समय पर उपचार मिलना चाहिए तथा उन्हें चिकित्सकीय सेवाओं के लिए अनावश्यक परेशानी नहीं उठानी पड़े।
अधिकारियों ने जांच का दिया आश्वासन
इस संबंध में जब संबंधित अधिकारियों से चर्चा की गई तो मामले की जांच करवाने का आश्वासन दिया गया। अब देखना यह है कि विभागीय जांच में पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है और जिम्मेदारी किसकी निर्धारित होती है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी झाबुआ एवं बीएमओ ने दी अलग जानकारी
मामले मे अधिकारियों द्वारा बताया गया कि माह की 25 तारीख को संबंधित चिकित्सक की ड्यूटी/कार्य निर्धारित होने के कारण सामान्य मरीजों को देखने का विषय अलग था। हालांकि, मरीज पक्ष का सवाल है कि यदि उस समय सामान्य मरीजों की जांच नहीं की जानी थी तो चिकित्सक के कक्ष में बैठने का औचित्य क्या था और आम मरीजों को इस व्यवस्था की जानकारी कैसे होती
फिलहाल पूरे मामले की निष्पक्ष विभागीय जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। मरीजों एवं उनके परिजनों की मांग है कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार समय पर उचित चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

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