,, बैकुंठ धाम गुरुद्वारा में कल मनेगा गुरु पूर्णिमा महोत्सव,,,
मनोज उपाध्याय,
थांदला। थांदला छोटी काशी गुरु पूर्णिमा का पर्व सनातन परंपरा के अनुसार बैकुंठ धाम गुरुद्वारा में श्रद्धा एवं उत्साह क उनके गुरु भक्त आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा मनाते आ रहे है।
बैकुंठ धाम न्यास के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्निहोत्री ने बताया कि इस वर्ष गुरु पूर्णिमा महोत्सव 29 जुलाई बुधवार को मनाया जाएगा। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रातः 4:00 बजे महाअभिषेक 6:00 बजे मंगला आरती तथा प्रातः 8:00 बजे से पूज्य गुरुदेव की पावन पादुका का पूजन एवं प्रार्थना प्रारंभ होकर निरंतर चलेगी।
इसके पश्चात दोपहर 12:00 बजे महाआरती एवं महाप्रसाद का आयोजन होगा, जिसमें सभी धर्म एवं समाज के श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण करेंगे। उन्होंने बताया कि इस महोत्सव में गुरुदेव के भक्त बड़ी संख्या में निमाड़, मालवा, राजस्थान, महाराष्ट्र एवं गुजरात सहित विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचते हैं। सभी श्रद्धालुओं के लिए आवास एवं भोजन की समुचित निः शुल्क व्यवस्था बैकुंठ धाम न्यास द्वारा की गई है।
आश्रम प्रभारी श्री भूदेव आचार्य ने बताया कि पूज्य स्वामी जी महाराज शिष्य परंपरा के महान संत थे। उनके अधिकांश शिष्य गृहस्थ जीवन से जुड़े रहे, किंतु उन्होंने सभी को आध्यात्मिक मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। पूज्य गुरुदेव आज भी अपने भक्तों के हृदय में प्रकाश स्वरूप विराजमान हैं और समय-समय पर उनके अनेक चमत्कार भक्तों के माध्यम से सुनने को मिलते हैं।
हजारों श्रद्धालु बैकुंठ धाम पहुंचकर गुरुदेव का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं तथा पावन पादुकाओं का पूजन कर धर्मलाभ अर्जित करते हैं। यह दिन महर्षि वेदव्यास के जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी पावन तिथि पर भगवान शिव ने आदि योगी के रूप में सप्तऋषियों को ब्रह्मज्ञान प्रदान कर प्रथम गुरु का स्वरूप धारण किया था। इसी दिन भगवान बुद्ध ने सारनाथ में अपना प्रथम उपदेश दिया था, इसलिए बौद्ध धर्म में भी इस पूर्णिमा का विशेष महत्व है। समस्त न्यास मंडल के सदस्यों ने सभी गुरु भक्तों एवं श्रद्धालुओं से गुरु पूर्णिमा महोत्सव में सपरिवार उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की है।

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