*पैसा एक्ट के तहत हो आय- व्यय का प्रबंधन ओर मंदिर के लिए बने ट्रस्ट*
*मां नन्दर माता मंदिर के संचालन हेतु समिति गठन और ट्रस्ट बनाने की उठी मांग*
*मुनिया समाजजन के साथ माता के भक्तों ने सोपा ज्ञापन*
(मनोज पुरोहित)
पेटलावद। तहसील के समीपस्थ ग्राम मोहनकोट स्थित प्राचीन एवं अतिप्राचीन माँ नन्दर माता मंदिर स्थित हे । जो भक्तों की आस्था का केंद्र हे यहां प्रतिदिन दूरदराज से माताजी के दर्शन के लिये भक्त सपरिवार आते हे । नवरात्रि में मंदिर की महिमा दुगुनी हो जाती हे। भक्तों के द्वारा अपनी इच्छापूर्ण होने ओर माताजी को मन्नतें उतारी जाती हे।
*सोपा ज्ञापन*
उक्त मंदिर के संचालन और व्यवस्थाओं को लेकर सोमवार 15 जून को माँ नन्दर माता समिति ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पेटलावद के नाम तहसीलदार अनिल बघेल को ज्ञापन सौंपकर मंदिर के संचालन हेतु ग्राम स्तरीय समिति एवं स्थायी ट्रस्ट के गठन की मांग की है।
*यह रखी मांगे*
ज्ञापन में बताया गया है कि माँ नन्दर माता मंदिर का संचालन परंपरागत रूप से मुणिया (उपजाति) परिवार के सदस्यों द्वारा पुजारी के रूप में किया जाता रहा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से मंदिर का संचालन व्यक्तिगत स्तर पर किया जा रहा है, जिस पर समाजजनों ने आपत्ति जताई है। समिति का कहना है कि मंदिर शासकीय भूमि पर निर्मित है, इसलिए इसका संचालन किसी एक व्यक्ति के बजाय ग्राम स्तरीय समिति के माध्यम से किया जाना चाहिए, जिससे मंदिर की व्यवस्था पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित बनी रहे।
समिति ने यह भी मांग की है कि मंदिर में प्राचीनकाल से चली आ रही माताजी को चढ़ावा अर्पित करने की परंपरा यथावत बनी रहे और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाए।
ज्ञापन के अनुसार वर्तमान में मंदिर का भव्य स्वरूप विकसित किया जा रहा है तथा यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। नवरात्रि पर्व पर हजारों श्रद्धालुओं का आगमन होता है। ऐसे में मंदिर में प्राप्त होने वाली दानराशि एवं आय-व्यय का लेखा-जोखा पारदर्शी रखने के लिए ग्राम स्तरीय प्रबंधन समिति का गठन आवश्यक बताया गया है।
*पैसा एक्ट के तहत हो प्रबंधन ओर लेखा जोखा*
समिति ने यह भी उल्लेख किया कि झाबुआ जिला जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र है, जहां पेसा एक्ट लागू है। इसलिए मंदिर के सुचारु एवं दीर्घकालीन संचालन के लिए एक स्थायी ट्रस्ट का गठन किया जाना चाहिए।
समिति ने प्रशासन से मांगों पर उचित कार्रवाई करते हुए मंदिर संचालन व्यवस्था को व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने की पहल करने का आग्रह किया है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में मुनिया समाजजन,ओर भक्तजन मौजूद रहे।

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