*अंखियों को रहने दे अंखियों के आसपास ....नेत्रदान मानवता का महनीय उपहार*
*नेत्रदान दिवस पर विशेष एक संकल्प, दो जीवन रोशन*
*मृत्यु के बाद भी जब आपकी आंखें देखेगी ये संसार*
(मनोज पुरोहित)
पेटलावद। अंखियों को रहने दे अंखियों के आसपास, आंखें जिन्दगी का आईना है । ओर आज 10 जून को नेत्रदान दिवस हे।
पूरे भारतवर्ष एवं नेपाल के 400 से अधिक शहरों में नेत्रदान करवाने वाला एकमात्र संगठन अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद (अभातेयुप) जैन समाज के युवाओं की अग्रणी संस्था है। अभातेयुप सेवा, संस्कार एवं संगठन के त्रिआयामी उद्देश्यों को लेकर भारत और नेपाल में फैली अपनी 369 परिषदों के माध्यम से विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों का संचालन कर रही है।
नेत्रदान राष्ट्रीय प्रभारी कैलाश जैन के अनुसार, नेत्रदान के क्षेत्र में अभातेयुप द्वारा अब तक 6000 से अधिक कॉर्निया दान करवाए जा चुके हैं। साथ ही, नेत्रदान हेतु सर्वाधिक स्वैच्छिक मरणोपरांत शपथ-पत्र भरवाने के लिए संगठन ने वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ बुक में अपना नाम भी दर्ज करवाया है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) एवं इंटरनेशनल एजेंसी फॉर द प्रिवेंशन ऑफ ब्लाइंडनेस (IAPB) के आंकड़ों के अनुसार विश्व में लगभग 4.3 करोड़ लोग दृष्टिबाधित हैं। वहीं करीब 1 करोड़ लोग कॉर्नियल ब्लाइंडनेस से पीड़ित हैं, जिनमें लगभग 12 लाख भारत में हैं। विश्वभर में प्रतिवर्ष लगभग 2 से 2.5 लाख कॉर्निया एकत्रित किए जाते हैं, जिनमें से केवल 25 से 30 हजार कॉर्निया भारत में एकत्रित हो पाते हैं।
अभातेयुप की एक सक्रिय शाखा तेरापंथ युवक परिषद, पेटलावद (जिला झाबुआ) नेत्रदान जागरूकता के क्षेत्र में विशेष कार्य कर रही है। परिषद द्वारा ऑनलाइन प्लेज फॉर्म (नेत्रदान मृत्युपूर्व स्वीकृति पत्र) भरवाए जा रहे हैं तथा समय-समय पर जनजागरण अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
*अंतर्राष्ट्रीय नेत्रदान दिवस के अवसर पर परिषद द्वारा नेत्रदान से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं*
• एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो अंधकारमय जीवन में प्रकाश लाया जा सकता है।
• नेत्रदान में संपूर्ण आंख नहीं, बल्कि आंख की पारदर्शी परत कॉर्निया का प्रत्यारोपण हेतु उपयोग किया जाता है।
• नेत्रदान की प्रक्रिया से मृतक के शारीरिक स्वरूप पर किसी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ता।
• मरणोपरांत परिवारजनों की सहमति से किसी भी आयु के व्यक्ति का नेत्रदान संभव है।
• मृत्यु के छह घंटे के भीतर आई बैंक की सहायता से नेत्रदान की प्रक्रिया संपन्न करवाई जानी चाहिए।
तेरापंथ युवक परिषद, पेटलावद ने नगरवासियों से नेत्रदान के प्रति जागरूक बनने एवं इस महादान के लिए आगे आने का आह्वान किया है। पेटलावद क्षेत्र में नेत्रदान संबंधी सहायता एवं मार्गदर्शन हेतु नैतिक मूणत के मोबाइल नंबर 7000086946 पर संपर्क किया जा सकता है।

.jpg)

.jpg)
















