*शराब में जहर मिलाकर घोटा गला ,अवैध संबंधों के चलते पत्नी ने रची थी पति की हत्या की साजिश, प्रेमी समेत 3 गिरफ्तार*
*पेटलावद पुलिस की बड़ी सफलता*
(मनोज पुरोहित)
पेटलावद।पेटलावद थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बामनिया में मिली एक अज्ञात लाश की गुत्थी को पुलिस ने महज कुछ ही दिनों में सुलझा लिया है। इस मामले में कोई बाहरी नहीं, बल्कि मृतक की अपनी पत्नी ही मुख्य साजिशकर्ता निकली, जिसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को मौत के घाट उतार दिया था। पुलिस ने इस 'अंधे कत्ल' का पर्दाफाश करते हुए पत्नी और प्रेमी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
*यह था पूरा मामला*
गत 11 जून 2026 को बामनिया के बिजनीपाड़ा कच्चे मार्ग और रेलवे ट्रैक के पास एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। पेटलावद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों व सोशल मीडिया की मदद से 12 जून को मृतक की पहचान बहादूर भूरिया (36 वर्ष), निवासी ग्राम सेमलिया के रूप में की।
पत्नी और प्रेमी ने रची थी खौफनाक साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक की पत्नी समिता उर्फ सुमित्रा के गलिया निनामा नामक व्यक्ति से अवैध संबंध थे। पति-पत्नी के बीच अक्सर इस बात को लेकर विवाद होता था। चार महीने पहले समिता अपने मायके चली गई थी, जहाँ से वह लगातार अपने प्रेमी के संपर्क में थी। दोनों ने मिलकर बहादूर को रास्ते से हटाने का षड्यंत्र रचा।
*शराब में जहर मिलाकर किया गला घोंटकर कत्ल*
योजना के तहत, समिता ने अपने परिचित कमरू वसुनिया (निवासी रतलाम) के माध्यम से जहरीली गोलियां मंगवाईं। 09 जून को आरोपी गलिया निनामा ने बहादूर को फोन कर बामनिया बुलाया। वहां सुनसान जगह पर उसे शराब में जहर मिलाकर पिलाया और फिर उसके ही गमछे से गला घोंटकर उसकी निर्मम हत्या कर दी। साक्ष्य छिपाने की नीयत से शव को रेलवे ट्रैक के पास फेंक दिया गया।
*पुलिस ने दर्ज किया मामला और की गिरफ्तारी*
पुलिस ने भौतिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले को सुलझाया। पुलिस ने अपराध क्रमांक 277/2026, धारा 103 (1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
1. गलिया पिता लालजी निनामा (निवासी कुण्डाल): मुख्य आरोपी और प्रेमी।
2. समिता उर्फ सुमित्रा: मृतक की पत्नी और मुख्य साजिशकर्ता।
3. कमरू पिता प्रभु वसुनिया (26 वर्ष): जहर उपलब्ध कराने वाला सहयोगी।
वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।
*पुलिस टीम को मिलेगा पुरस्कार*
इस अंधे कत्ल के त्वरित खुलासे में पेटलावद थाना प्रभारी निरीक्षक निर्भयसिंह भूरिया, उप निरीक्षक हीरालाल मालीवाड, और उनकी पूरी टीम (प्रधान आरक्षक सोमसिंह, आरक्षक राकेश डामर, अमरसिंह मालीवाड, मनीष चारेल, लालसिंह मुजाल्दे, अनिल अमलियार) तथा जिला साइबर सेल की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। झाबुआ पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पाटीदार ने इस सफलता के लिए पूरी पुलिस टीम को नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

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