*पंपावती तट पर सजेगा 23वां जश्न-ए-उर्स*
*21 से 23 मई तक होंगे धार्मिक आयोजन, तैयारियां तेज*
(मनोज पुरोहित)
पेटलावद। मध्यप्रदेश-गुजरात सहित कई राज्यों से पहुंचते हैं हजारों जायरीन
*एक नजर:*
- 324 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक दरगाह
- विभिन्न राज्यों से पहुंचते हैं जायरीन
- तीन दिन तक विविध धार्मिक आयोजन
- सूफी संतों एवं बुजुर्गों की रहेगी विशेष मौजूदगी
पेटलावद। हज़रत ओढ़ी वाले दातार रे.अ. पेटलावद शरीफ का 23वां सालाना उर्स मुबारक इस वर्ष 21 मई से 23 मई तक अकीदत और
धार्मिक उल्लास के साथ मनाया जाएगा। उर्स को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। उर्स कमेटी सदर आदिल खान ने जानकारी देते हुए बताया कि तीन दिवसीय इस धार्मिक आयोजन में मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र सहित कई क्षेत्रों से बड़ी संख्या में जायरीन और अकीदतमंद पहुंचते हैं। खासतौर पर झाबुआ, धार, अलीराजपुर, रतलाम, इंदौर, मनावर, बड़वानी, दाहोद, मेघनगर, थांदला, बामनिया और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों लोग उर्स में शिरकत करते हैं।
*324 वर्ष पुरानी दरगाह, पूरी होती हैं जायज मन्नतें:*
हज़रत ओढ़ी वाले दाता की यह दरगाह लगभग 324 वर्ष पुरानी प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहर मानी जाती है। यहां हर जाति और धर्म के लोग अपनी जायज तमन्नाओं को लेकर आते हैं और मुराद पूरी होने पर अकीदत के फूल चढ़ाते हैं। उर्स की रौनक बढ़ाने के लिए कई बुजुर्ग एवं सूफी संत भी यहां तशरीफ लाते हैं। बाबा के आस्ताने का नूरानी और चिश्ती स्वरूप हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करता है। उल्लेखनीय है कि विगत 22 वर्षों से यहां नियमित रूप से उर्स का आयोजन किया जा रहा है और इस वर्ष भी उर्स पूरे शानो-शौकत के साथ मनाया जाएगा।
*आस्था का केंद्र है ओढ़ी वाले दातार की दरगाह:*
पेटलावद शरीफ स्थित हज़रत ओढ़ी वाले दातार रे.अ. की मजार करीब तीन दशक से अधिक समय से अकीदतमंदों की आस्था का केंद्र बनी हुई है और यहां हर साल उर्स के दौरान बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर दुआएं मांगते हैं। यही नहीं यहां हर गुरुवार को सभी धर्मों के जायरीन दर्शन के लिए पहुंचते है। उर्स के दौरान पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल बना रहता है तथा कई परिवारों के रिश्तेदार भी बाहर से पेटलावद पहुंचते हैं।
*ऐसे आयोजित होगा पूरा कार्यक्रम:*
उर्स का आगाज 21 मई, गुरुवार को बाद नमाज़े फजर सुबह 6 बजे संदल से होगा। इसके बाद सुबह 8 बजे आस्ताने औलिया पर कुरआन ख्वानी आयोजित की जाएगी। शाम 6 बजे बाद हुसैनी चौक स्थित हजरत पुलिस वाले बाबा की दरगाह से भव्य चादर जुलूस निकाला जाएगा। जुलूस में मनावर की मशहूर अफरोज साबरी कव्वाल पार्टी सूफियाना कलाम पेश करेगी। जुलूस हुसैनी चौक से सीधे आस्ताने औलिया पहुंचेगा, जहां चादर पेश की जाएगी। इसके बाद रात 9 बजे तकरीर का आयोजन रखा गया है।
उर्स के दूसरे दिन 22 मई को शाम 7 बजे से भंडारे का आयोजन होगा। इसके बाद रात 8 बजे से विशाल कव्वाली प्रोग्राम आयोजित किया जाएगा, जिसमें देश के मशहूर कव्वाल अजमेर के सोहराब अली अजमेरी और मनावर के अफरोज साबरी अपने कलाम पेश करेंगे।
वहीं अंतिम दिन 23 मई को सुबह 10 बजे से महफिले रंग का आयोजन किया जाएगा। सुबह 11 बजे से भंडारे की शुरुआत होगी। महफिले रंग में अफरोज साबरी कव्वाल पार्टी अपने कलाम पेश करेगी। इसके बाद दोपहर करीब 1 बजे रंग का समापन होगा और कुल की फातेहा के साथ 23वें सालाना उर्स मुबारक का समापन किया जाएगा। उर्स कमेटी ने तमाम अकीदतमंदों और क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर उर्स मुबारक में शिरकत करने की अपील की है।

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