*राम कृपा से असंभव भी संभव हो जाता है--संत श्री प्रेमदास त्यागी*
*संत श्री रामपालकी सरकार की प्रेरणा से रामायणी संत श्री प्रेमदास त्यागी के सानिध्य मे धार्मिक अनुष्ठान*
*माही तट पर श्री राम रामायण यज्ञ का आयोजन*
*प्रतिदीन भजन सत्संग के साथ बह रही भक्तिधारा*
(मनोज पुरोहित)
पेटलावद।संत श्री श्री 1008 सर्वेश्वरदास जी महाराज रामपालकी सरकार की प्रेरणा से संत श्री श्री 108 प्रेमदास जी त्यागी तथा संत श्री श्री 108 मंगलदास जी महाराज के सानिध्य में माही तट सरदारपुर मे नौ दिवसीय धार्मिक आयोजन किया जा रहा है।इस दौरान मां माही माता की मुर्ति स्थापना,श्री राम रामायण यज्ञ तथा भागवत ज्ञान गंगा का आयोजन किया जा रहा है।माही माता प्राण प्रतिष्ठा शिखर स्थापना,गुप्त गोमुख स्थापना,श्री पंचकुंडात्मक श्री राम रामायण महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा का आयोजन किया जाएगा
आयोजन को लेकर तैयारियां पुर्ण कर ली गई है।श्री नवग्रह शनिदेव मंदिर रामपालकी धाम माही तट पर संतो के आगमन के साथ यज्ञ का शुभारंभ 24 जनवरी से किया जाएगा।इस दौरान भजन सत्संग और भंडारे का आयोजन होगा।
निर्माण कार्य से आरंभ हुए रामायण पाठ जारी...
माही तट सरदारपुर के रामपालकी धाम आश्रम में आश्रम की नींव रखने के समय से अब तक लगातार अखंड श्री रामचरितमानस पाठ हो रहा है। संत श्री त्यागी बरखेड़ा सरकार के सानिध्य में भक्ति रामायण पाठ कर रहे हैं।वहीं अब माही माता की मूर्ति स्थापना को लेकर यज्ञ आयोजन किया जा रहा है।इस महायज्ञ रामायण की चौपाइयों के साथ आहुति लगेगी। सतगुरु देव के सानिध्य में अखंड रामायण जी पाठ के साथ ही माही माता विराजित होगी।
1 फरवरी तक चलेगा आयोजन...
माही माता मूर्ति स्थापना का यह आयोजन 24 जनवरी से आरंभ होकर 1 फरवरी को पूर्णाहुति की जाएगी।
इस बीच माही माता प्राण प्रतिष्ठा शिखर स्थापना,गुप्त गोमुख स्थापना,श्री पंचकुंडात्मक श्री राम रामायण महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा का आयोजन किया जाएगा।
इस दौरान 24 जनवरी को नगर भ्रमण कर शोभायात्रा का आयोजन किया जाएगा।वही 25 जनवरी को वेद शास्त्र अनुसार है हेमाद्रि कर्म कलश यात्रा और नर्मदा जयंती के उपलक्ष्य में भी विभिन्न आयोजन रखे जाएंगे। इसके बाद 26 जनवरी से सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा का आयोजन किया जाएगा।कथावाचक पंडित कमल किशोर जी शर्मा दौलताबाद वाले के मुखारविंद से भागवत ज्ञान गंगा का रसपान श्रध्दालु करेंगे।प्रतिदिन 12 से 4 बजे तक कथा का समय रहेगा।इस दौरान प्रतिदिन रात्रि में सुंदरकांड एवं भजन सत्संग का आयोजन किया जाएगा। यज्ञ का समय प्रातः 8 से 11 तथा श्याम 3 से 6 बजे तक रहेगा।इसके साथ ही अंतिम दिवस में संत समागम एवं विशाल भंडारा का आयोजन किया जाएगा।
सीताराम जपते रहो,इसमे सार है...
इस दौरान संत श्री श्री 108 प्रेम दास जी त्यागी बरखेड़ा सरकार ने श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देते हुए कहा कि राम कृपा से असंभव भी संभव हो जाता है।श्री रामचरितमानस मानव के दुखों को हरने वाली है।जो इसका रसपान करते हैं,वो जीवन मे सदैव आनंद पाते है।सीताराम जपने में सार है।बड़े भाग से मानव तन पाया है,जो उसे सदकर्म,सेवा और आध्यात्म मे लगाओ।भगवान श्री राम जी के चरित्र से सीख लेकर मर्यादित और संयमित जीवन जीने का प्रयास करे।सत्संग,कथा,यज्ञ,हवन भगवान की आराधना का स्वरुप है।
उन्होने कहा हर घर मे श्री रामचरितमानस पाठ होना चाहिए।यह परिवार परंपरा को निभाने की सीख देती है।रामायण पाठी सदा अच्छा आचरण और व्यवहार करता है।

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