*पेटलावद में बरसेगी नाकोड़ा भैरव की कृपा जल्द प्रकट होगी अद्भुत प्राचीन प्रतिमा*
(मनोज पुरोहित)
पेटलावद। "जिसकी प्रार्थना में शक्ति होती है, उस पर ईश्वरीय कृपा अवश्य बरसती है।" यह प्रेरक विचार आचार्य श्री विश्व रत्न सागर सूरिश्वर जी महाराज ने पेटलावद में आयोजित भव्य धर्मसभा के दौरान व्यक्त किए।
नाकोड़ा भैरव मेवा नगर, पेटलावद के विकास हेतु पधारे आचार्य श्री ने एक ऐसी घोषणा की जिसने भक्तों में उत्साह का संचार कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्राप्त आध्यात्मिक संकेतों के अनुसार, पेटलावद के नाकोडा मेवा नगर के लिए शीघ्र ही एक अद्भुत प्राचीन प्रतिमा प्राप्त होगी। इस प्रतिमा के मिलते ही यह धाम एक भव्य और दिव्य शिल्प के रूप में परिवर्तित हो जाएगा।
*कर्म सिद्धांत और देव कृपा का संगम*
आचार्य श्री नवरत्न सागर सुरेश्वर जी के प्रथम शिष्य, आचार्य विश्व रत्न सागर जी ने जैन दर्शन की गहराई को समझाते हुए कहा कि जैन दर्शन केवल चमत्कार में नहीं, बल्कि कर्म सिद्धांत पर विश्वास करता है।
जैसे एक कुशल वकील केस जिता देता है और एक योग्य ड्राइवर मंजिल तक पहुंचा देता है, वैसे ही नाकोड़ा भैरव जैसे 'सम्यक दृष्टि' देव संकट के समय योग्य निमित्त बनकर हमें उबारते हैं।
तीर्थंकर मोक्ष में हैं, वे सीधे हस्तक्षेप नहीं करते, परंतु देवों की कृपा से शुभ संयोग बनते हैं और कार्य सिद्ध होते हैं।
*अहंकार त्याग और गुरु भक्ति*
सभा को संबोधित करते हुए युवा संत श्री उत्तम रत्न सागर जी ने कहा कि जो व्यक्ति जमीन से जुड़ा रहता है, उसी पर गुरु कृपा होती है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि 'बड़े पेट वाला' यानी अहंकारी व्यक्ति कभी किसी के गले नहीं मिल सकता। भक्ति के लिए सरल हृदय होना अनिवार्य है।
*भव्य स्वागत*
आचार्य श्री के आगमन पर समूचा पेटलावद जैन समाज और नाकोड़ा भक्त श्रद्धा के रंग में रंगे नजर आए। गायत्री मंदिर से गाजे-बाजे के साथ महाराज श्री को 'चौकी' तक लाया गया। नगर में जगह-जगह गवली (रंगोली) बनाकर और अक्षत से आचार्य श्री का भावभीना स्वागत हुआ। गादी पति सुमित पीपाड़ा ने गुरुदेव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु के आशीष से ही मेवा नगर जल्द ही एक भव्य तीर्थ का स्वरूप लेगा। इस अवसर पर नवकारसी और स्वामी वात्सल्य का भी भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन परम गुरु भक्त राजेश कांठेड (नलखेड़ा) द्वारा किया गया। इस दौरान गादीपति सुमित पीपाड़ा, विशाल भक्त मंडल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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