*आचार्य श्री महाश्रमण जी के पावन सान्निध्य में मुमुक्षु बहनों के लिए पारमार्थिक शिक्षण संस्था का सप्त दिवसीय प्रेक्षाध्यान शिविर लाडनूं में सम्पन्न*
(मनोज पुरोहित)
पेटलावदl जैन विश्व भारती लाडनूं में परम पूज्य आचार्य श्री महाश्रमण जी के पावन सान्निध्य मे मुमुक्ष बहनों के लिए *पारमार्थिक शिक्षण संस्था का सप्त दिवसीय प्रेक्षाध्यान शिविर आयोजित हुआ। इस अवसर पर आचार्य श्री महाश्रमण जी ने फरमाया कि निर्ग्रंथ प्रवचन पर दृढ़ श्रद्वा रखना चाहिए। ऐसे तो मुमुक्षु बहनो का जीवन ही एक शिविर है। धर्म की आराधना करना साधक का प्रमुख लक्ष्य होना चाहिए। प्रेक्षाध्यान शिविर केवल एक शिविर नही बल्कि आत्म जागरण और मुमुक्षा भाव बढ़ाने की एक दिव्य प्रयोगशाला है। इस प्रेक्षाध्यान शिविर में मुमुक्षु बहनों ने ध्यान, साधना ओर आत्मजागरण के दिव्य अनुभवों से जीवन में नई ऊर्जा का संचार किया। सप्त दिवसीय शिविर में प्रतिदिन सायं के समय आचार्य श्री महाश्रमण जी मुमुक्षु बहनो को प्रेरणा पाथेय प्रदान कराते थे और
जिज्ञासाओं का समाधान प्रदान कराया। इस प्रेक्षाध्यान शिविर में साध्वी प्रमुखा श्री विश्रुत विभा जी ने विवेक प्रतिमा के प्रयोग करवाए। साध्वीवर्या संबुद्व यशाजी ने प्रतिदिन जप अनुष्ठान और संयम चेतना को विकसित करने और वैराग्य वृद्धि हेतु प्रेरणा प्रदान किया।
ध्यानसाधिका साध्वी श्री राजीमती जी का सान्निध्य भी मुमुक्षु बहनों को प्रतिदिन मिलता रहा। इस प्रेक्षाध्यान शिविर के सुंदर आयोजन में लाडनूं में विराजित अन्य साध्वीवृन्द ने भी प्रेक्षाध्यान के सिद्वान्त व ध्यान के विविध प्रयोगों से जीवन को एक नई दिशा देने का प्रयास किया। इस शिविर में नियमित दिनचर्या के साथ मौन, जप, ध्यान, कायोत्सर्ग आदि प्रयोग द्वारा अपने आत्मा को उजागर करने का प्रयास कर मुमुक्षु बहनों को अपार आनंद की अनुभूति हुई।

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