*गायत्री शक्तिपीठ पेटलावद में श्रद्धा एवं उत्साह से मनाई गई गायत्री जयंती, 11 गर्भवती माताओं का हुआ पुंसवन संस्कार*
( मनोज पुरोहित)
पेटलावद। गायत्री शक्तिपीठ पेटलावद में गायत्री जयंती का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ मनाया गया। पर्व के एक दिन पूर्व शक्तिपीठ परिसर में अखंड जप का आयोजन किया गया, जिसमें परिजनों ने प्रातः 7 बजे से सायं 7 बजे तक अपनी सुविधा अनुसार समय निकालकर जप साधना में सहभागिता की। पूरे दिन मंत्रोच्चार एवं आध्यात्मिक वातावरण से शक्तिपीठ परिसर भक्तिमय बना रहा।
गायत्री जयंती के अवसर पर प्रातःकाल पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ में उपस्थित श्रद्धालुओं ने विश्व कल्याण, सुख-समृद्धि एवं सकारात्मक वातावरण की कामना के साथ आहुतियां अर्पित कीं। यज्ञ के माध्यम से भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश भी दिया गया।
पर्व के विशेष अवसर पर गर्भवती माताओं के लिए पुंसवन संस्कार का आयोजन भी किया गया। इस दौरान 11 गर्भवती बहनों का वैदिक विधि-विधान से पुंसवन संस्कार संपन्न कराया गया। संस्कार के माध्यम से गर्भस्थ शिशु के उज्ज्वल, संस्कारित एवं स्वस्थ जीवन की मंगलकामना की गई।
कार्यक्रम में पेटलावद सहित आसपास के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में गायत्री परिवार के परिजनों एवं श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। संपूर्ण आयोजन श्रद्धा, अनुशासन एवं धार्मिक उत्साह के वातावरण में संपन्न हुआ।

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