*सरदार एकता यात्रा का नगर में भव्य आगमन*
*राजगोर ब्राह्मण समाज सहित 35 से ज्यादा सामाजिक धार्मिक संगठनों ने किया स्वागत*
(मनोज पुरोहित)
पेटलावद।भारत को एक सूत्र में पिरोने वाले अखंड भारत के शिल्पकार और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150 वीं जन्म जयंती के पावन अवसर पर आयोजित सरदार एकता यात्रा: सरदार आपके द्वार ने मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश किया। गुजरात के अहमदाबाद से प्रारंभ हुई इस यात्रा का झाबुआ जिले के पिटोल बॉर्डर बेतूल-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर स्थित हनुमान मंदिर पर सर्व समाज के वरिष्ठ जनों द्वारा अभूतपूर्व और भव्य स्वागत किया गया।
यह यात्रा अनुशासन और संकल्प के साथ युवाओं को समर्पित है। 5 मार्च 2026 को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल द्वारा अहमदाबाद से हरी झंडी दिखाकर रवाना की गई। यह प्रेरक यात्रा 40 दिनों में मध्य प्रदेश के 36 जिलों का भ्रमण करेगी। यात्रा के केंद्र में सरदार वल्लभभाई पटेल की भव्य प्रतिमा और उनकी पावन चरण पादुकाएं हैं, जो जन-जन के लिए श्रद्धा का केंद्र बनी हुई हैं।
*नगर में उमड़ा जनसैलाब राजगोर ब्राह्मण समाज सहित 35 समाजिक् धार्मिक संगठनों ने किया भव्य स्वागत*
नगर में यात्रा का मुख्य और ऐतिहासिक आयोजन हुआ। गांधी चौक से प्रवेश करते ही नगर के 35 सामाजिक और स्वयंसेवी संगठनों ने मंच लगाकर रथ यात्रा का पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया। स्वागत करने वालों में प्रमुख रूप से
कहार समाज, भारतीय जनता पार्टी, दामोदर जूना दर्जी समाज, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, प्रजापति समाज, राठौड़ समाज, ब्राह्मण समाज, राजगौर ब्राह्मण समाज, अखिल भारतीय बलाई समाज, नगर परिषद, रोटरी क्लब, सेन समाज, लायंस क्लब पेटलावद सेंट्रल, पाटीदार ट्रेक्टर, लायंस क्लब ग्रेटर, नागर समाज, दीप किराना स्टोर्स, गुर्जर समाज, क्षत्रिय सिर्वी समाज, महावीर समिति, टीम जीवनसिंह शेरपुर, रजक धोबी समाज, सर्व आदिवासी समाज, गुजराती लोहार समाज, अग्रवाल समाज, पाटीदार समाज एवं रविदास मित्र मंडल शामिल थे।
*सम्मान और वैचारिक संगोष्ठी*
श्री गंगा पैलेस पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती और सरदार पटेल के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुई। इस अवसर पर लोकतंत्र सेनानी उच्छबलाल चौहान और शहीद भगवान लाल मिंडकिया के भाई ईश्वरलाल मिंडकिया का सर्व समाज की ओर से भावभीना सम्मान किया गया।
इस अवसर पर गुजरात से यात्रा में साथ चल रहे मन्नू भाई पटेल ने कहा पेटलावद का यह ऐतिहासिक और आत्मीय स्वागत शब्दों में बयां करना संभव नहीं है।
बाबू भाई पटेल ने कहा सरदार पटेल किसी एक वर्ग के नहीं बल्कि सबके सरदार थे। उनका चिंतन संपूर्ण भारत की एकता के लिए था।
सतीश पटेल ने कहा 150वीं जयंती पर निकली यह यात्रा और सरदार की चरण पादुकाएं उनके त्याग और राष्ट्रनिष्ठा की स्मृति को साकार कर रही हैं।
मुख्य वक्ता राजेश वोरा ने कहा सरदार साहब ने अपनी जिज्ञासा और साहस से 562 रियासतों को एक कर अखंड भारत बनाया। अंग्रेजों के विरोध और हिंदुत्व के संरक्षण के लिए उन्होंने सर्वस्व समर्पित कर दिया। जब समाज एकजुट होता है, तभी राष्ट्र मजबूत बनता है।

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