इंदौर घटना के बाद जिले में अलर्ट मोड पर प्रशासन, थांदला सहित नगरीय निकायों में जल व्यवस्था की सघन जांच

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इंदौर घटना के बाद जिले में अलर्ट मोड पर प्रशासन, थांदला सहित नगरीय निकायों में जल व्यवस्था की सघन जांच

 इंदौर घटना के बाद जिले में अलर्ट मोड पर प्रशासन, थांदला सहित नगरीय निकायों में जल व्यवस्था की सघन जांच








राजेश डामर थांदला/झाबुआ।

इंदौर में दूषित जल के सेवन से हुई मौतों की गंभीर घटना के बाद जिले का प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड में आ गया है। जिला कलेक्टर नेहा मीना के निर्देश पर जिले के समस्त नगरीय निकायों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था, वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों, जल टंकियों एवं वितरण प्रणाली का व्यापक निरीक्षण शुरू किया गया है, ताकि नागरिकों को शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

इसी क्रम में बुधवार को थांदला नगर परिषद के फिल्टर प्लांट का सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान एसडीएम महेश मंडलोई, तहसीलदार सुखदेव सिंह डावर, एसडीओ पीएचई तथा नगर परिषद के सीएमओ कमलेश जयसवाल उपस्थित रहे। अधिकारियों ने फिल्टर प्लांट की कार्यप्रणाली, सफाई व्यवस्था, क्लोरीनेशन प्रक्रिया एवं जल शुद्धिकरण की पूरी प्रणाली की बारीकी से जांच की।

निरीक्षण के साथ ही नगर के वार्ड क्रमांक 13 में संयुक्त दल द्वारा फील्ड सर्वे किया गया। अधिकारियों ने रहवासियों से प्रत्यक्ष संवाद कर जल आपूर्ति की स्थिति की जानकारी ली तथा पानी के सैंपल भी कलेक्ट किए। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि क्षेत्र में अब तक कभी भी दूषित पानी की समस्या नहीं हुई है और नगर परिषद की जलप्रदाय व्यवस्था से वे संतुष्ट हैं।

जिला कलेक्टर नेहा मीना ने सभी नगरीय निकायों को निर्देश दिए हैं कि क्लोरीनेशन की 24×7 निगरानी सुनिश्चित की जाए, जल टंकियों की नियमित सफाई हो, BIS मानकों के अनुरूप जल गुणवत्ता परीक्षण किया जाए तथा यदि कहीं E-Coli या Coliform बैक्टीरिया पाए जाते हैं तो तत्काल जल आपूर्ति रोककर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। साथ ही पुरानी व लीकेज वाली पाइपलाइनों की 48 घंटे के भीतर मरम्मत के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रत्येक निकाय को वार्डों से रेंडम जल सैंपल लेकर पीएचई विभाग से क्रॉस जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।

निर्देशों के पालन में झाबुआ, थांदला, पेटलावद, मेघनगर एवं राणापुर में एसडीएम एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों का निरीक्षण, जल सैंपल कलेक्शन एवं समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं। निरीक्षण के दौरान आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए गए, वहीं कई क्षेत्रों में नागरिकों ने जलप्रदाय व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पेयजल की गुणवत्ता को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।



 



 

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