*विराट हिन्दू सम्मेलन सम्पन्न, संघ शताब्दी वर्ष पर पंच परिवर्तन का लिया गया संकल्प*
राजेश डामर
*काकनवानी* राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर काकनवानी में विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन किया गया। सम्मेलन में सनातन संस्कृति की मजबूती, सामाजिक समरसता तथा हिन्दू एकता को सुदृढ़ करने के साथ-साथ संघ द्वारा आह्वान किए गए पंच परिवर्तन को जीवन में अपनाने का संकल्प भी लिया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
सम्मेलन में परम पूज्य संत श्री रघुवरदास जी महाराज, नीलम जी भट्ट तथा मुख्य वक्ता के रूप में रतलाम विभाग के जनजाति कार्य प्रमुख श्री राजेश डावर उपस्थित रहे। संत श्री रघुवरदास जी महाराज ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि हम आज अपने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए एकत्रित हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब से पृथ्वी का निर्माण हुआ है, तभी से सनातन धर्म विद्यमान है, इसलिए इसे सत्य सनातन धर्म कहा जाता है। धर्म से ही संघर्षों से लड़ने की शक्ति मिलती है। धर्म का पालन करने से भय समाप्त होता है और निर्भय व्यक्ति ही राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे सकता है। उन्होंने हनुमान जी का उदाहरण देते हुए कहा कि धर्म का पालन करने से भीतर की शक्ति जागृत होती है। साथ ही उन्होंने *“जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी”* के माध्यम से भारत भूमि की महिमा का वर्णन किया।
मुख्य वक्ता श्री राजेश डावर ने जनजाति समाज की संस्कृति, परंपराओं और जीवन पद्धति पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गांव की मूल परंपराओं से जुड़े रहकर ही समाज को मजबूत किया जा सकता है। बाबा देव, बाबी माता, सावन माता, खेड़ापति हनुमान की पूजा-अर्चना तथा जातर, चलावणी, मांडला, ज्वारे जैसी परंपराएं हमारी पहचान हैं, जिन्हें हमारे पूर्वजों ने सहेज कर रखा है। उन्होंने समाज को सनातन से तोड़ने वाली विभाजनकारी और वामपंथी विचारधाराओं से सतर्क रहने का आह्वान किया।
संघ शताब्दी वर्ष के अंतर्गत पंच परिवर्तन सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी का आग्रह और नागरिक कर्तव्य को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनने का संकल्प सम्मेलन में लिया गया। सम्मेलन में हजारों की संख्या में लोगों की सहभागिता रही, जिससे आयोजन अत्यंत भव्य, प्रेरणादायी और ऐतिहासिक बन गया।

.jpg)


.jpg)
















