,, प्राचीन गणेश मंदिर पर हुआ आकर्षक श्रंगार,,,
,,शिखर स्थापना दिवस उत्साह के साथ मनाया,,
,मनोज उपाध्याय,,
थांदला छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध है कई संतो की जन्म भूमि ,कई पुरातन मंदिर होलकर समय से स्थापित जिसमें अति प्राचीन मंदिर बड़े गणेश मंदिर जो की बरसों पुराना मंदिर है और निश्चित यहां पर भक्तों की मुरादे पूरी होती है सन 1971 में बड़े गणेश मंदिर की कलश स्थापना का आयोजन आज के दिन किया था
,,,एक साथ चार पर्व हुवे शामिल,,
1971 में माघ मास की संकट चतुर्थी का वह दिन था जिसमें एक साथ चार पर्वों का सहयोग शामिल थे जिसमें मकर संक्रांति ,चतुर्थी, एवं पुष्य नक्षत्र के साथ बुधवार का दिन था एवं माघ मासी चतुर्थी भी थी सन 1971 में कलश की स्थापना की गई
,,श्री भट्ट के नेतृत्व हुआ था अनुष्ठान सम्पन्न,,
जिसमें ट्रस्ट के अध्यक्ष स्वर्गीय कृपाशंकर जी भट्ट के नेतृत्व में पूरा आयोजन हुआ मंदिर शिखर के प्रधान यजमान स्वर्गीय छगनलाल मेघराज सोनी के कर कमलों से यह शिखर पर कलश की स्थापना इनके द्वारा की गई थी
,,,प्रखंड विद्वानों आचार्यों द्वारा हुआ था अनुष्ठान,,
थांदला नगर छोटी काशी के रूप में माना जाता है ऐसे ही विद्वान ब्राह्मणों द्वारा जो आज इस दुनिया में नहीं है स्व. नारायण शास्त्री,स्व. हीरालाल शास्त्री ,स्व.जयशंकर पाठक, स्व.बालकृष्ण त्रिवेदी ,स्व.लक्ष्मी नारायण पाठक, स्व.बालकृष्ण आचार्य, स्व.मदनमोहन भट्ट,स्व.दामोदर उपाध्याय,स्व.वासुदेव आचार्य,स्व. बद्री नारायण त्रिवेदी ,स्व.नंदकिशोर आचार्य स्व. कन्हैया लाल वेध सहित कई विद्वान ब्राह्मणों द्वारा तीन दिवसीय अनुष्ठान कर पूजा अर्चना के साथ शिखर की स्थापना की गई
,,,,,,,,हुआ आकर्षक श्रंगार,,,,,
उसी दिन संयोग़ आज के दिन चतुर्थी एवं माघ मास की संकट चतुर्थी को यह दिन पुनः आया है इसको लेकर बड़े गणेश मंदिर पर साज सज्जा एवं गणेश जी का आकर्षक श्रंगार किया गया गणेश जी के श्रृंगार के लाभार्थी विश्वास हसमुख लाल सोनी द्वारा मंदिर पर आकर्षक सजा के साथ महा आरती महा प्रसादी के साथ ही आतिशबाजी भी की गई
,,,,,,वर्षों पुराना मंदिर,,,,,
आपको बता दे कि यह मंदिर लगभग 200 वर्ष पूर्व होकर पूरे क्षेत्र में रिद्धि सिद्धि के साथ में गणेश जी की यहां पर प्रतिमा विराजमान है जो की सभी भक्तों की मनोकामना पूर्ण करती है साथ ही आए दिन यहां पर भक्तों का ताता लगा रहता है
,,, श्री पाठक निस्वार्थ दे रहे सेवा,,,
सन 1971 से लगातार आज दिनांक तक गणेश मंदिर के पुजारी के रूप में कांतिलाल पाठक अपनी सेवाएं दे रहे हैं जिन्होंने पूरा जीवन इस मंदिर की सेवा में लगा दिया है आज के दिन मंदिर के शिखर की स्थापना होने पर नगर के प्रबुद्ध जनों ने काफी उत्साह है

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