*बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के विरोध में पेटलावद में फूटा आक्रोश, राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन*
(मनोज पुरोहित)
पेटलावद।बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के विरोध में पेटलावद में फूटा आक्रोश, राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे निरंतर अत्याचारों और हाल ही में श्री दीपू दास के साथ हुई नृशंस एवं अमानवीय घटना के विरोध में सोमवार को पेटलावद में हिंदू समाज का गुस्सा फूट पड़ा।
हिंदू जागरण मंच के नेतृत्व में नगर में एक विशाल आक्रोश रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए।
प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लिए हुए थे, जिन पर बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की जा रही थी। नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई यह रैली तहसील कार्यालय पहुंची। यहाँ कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
रैली के पश्चात हिंदू समाज के प्रतिनिधियों ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार अनिल बघेल को सौंपा। टीआई निर्भयसिंह भूरिया भी मोजूद थे। ज्ञापन का वाचन मनोज गादिया ने किया। ज्ञापन में मुख्य रूप से तीन मांगें रखी गई। जिसमे दीपू दास के साथ हुई घटना की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच। दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई। बांग्लादेश में रह रहे हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार द्वारा प्रभावी कूटनीतिक हस्तक्षेप हो शामिल है।
इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए जितेन्द्र कटकानी ने अपने विचार रखे। संचालन विनोद बाफना ने किया।
वक्ताओं ने कहा पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों के साथ हो रहा व्यवहार न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह क्षेत्रीय शांति और सौहार्द के लिए भी बड़ा खतरा है। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि भारत सरकार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को उठाकर वहां के हिंदुओं को सुरक्षा प्रदान करानी चाहिए।
ज्ञापन सौंपते समय समस्त हिंदू समाज के कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए इसे उचित माध्यम से राष्ट्रपति कार्यालय तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।पर हो रहे निरंतर अत्याचारों और हाल ही में श्री दीपू दास के साथ हुई नृशंस एवं अमानवीय घटना के विरोध में सोमवार को पेटलावद में हिंदू समाज का गुस्सा फूट पड़ा।
हिंदू जागरण मंच के नेतृत्व में नगर में एक विशाल आक्रोश रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए।
प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लिए हुए थे, जिन पर बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की जा रही थी। नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई यह रैली तहसील कार्यालय पहुंची। यहाँ कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
रैली के पश्चात हिंदू समाज के प्रतिनिधियों ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार अनिल बघेल को सौंपा। टीआई निर्भयसिंह भूरिया भी मोजूद थे। ज्ञापन का वाचन मनोज गादिया ने किया। ज्ञापन में मुख्य रूप से तीन मांगें रखी गई। जिसमे दीपू दास के साथ हुई घटना की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच। दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई। बांग्लादेश में रह रहे हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार द्वारा प्रभावी कूटनीतिक हस्तक्षेप हो शामिल है।
इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए जितेन्द्र कटकानी ने अपने विचार रखे। संचालन विनोद बाफना ने किया।
वक्ताओं ने कहा पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों के साथ हो रहा व्यवहार न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह क्षेत्रीय शांति और सौहार्द के लिए भी बड़ा खतरा है। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि भारत सरकार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को उठाकर वहां के हिंदुओं को सुरक्षा प्रदान करानी चाहिए।
ज्ञापन सौंपते समय समस्त हिंदू समाज के कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए इसे उचित माध्यम से राष्ट्रपति कार्यालय तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।

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