*मेवानगर पेटलावद में निकला श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ भगवान का ऐतिहासिक वरघोड़ा*
*श्री पार्श्वनाथ भगवान के जयकारो से गुंजायमान हुआ पूरा मेवानगर*
(मनोज पुरोहित)
*पेटलावद (निप्र) -* पौष दशमी के पावन अवसर पर मेवानगर पेटलावद में दामोदर कॉलोनी स्थित भैरव दरबार से 21 बग्गियों के साथ भव्य वरघोड़ा आयोजित किया गया।वरघोड़ा दामोदर कालोनी से प्रारंभ हुआ। वरघोड़े में आगे पाँच अश्व पर जैन ध्वज लिए लाभार्थी आगे चलते नजर आए। प्रथम बग्गी में श्री पार्श्वनाथ भगवान, द्वितीय बग्गी में नाकोड़ा भैरव को लाभार्थी परिवार लेकर विराजमान हुए। नगर में कुल 20 लाभार्थीयो ने बग्गी में नाकोड़ा भैरव की प्रतिमा को विराजमान कर नगर भ्रमण करवाया। वरघोड़ा नगर के प्रमुख मार्गो से निकला, जहाँ श्री पार्श्वनाथ भगवान की समाजजनो ने जगह-जगह गहुली की तो वही श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ भगवान के परम् उपासक गादिपति श्री सुमित जी पिपाड़ा का कुमकुम तिलक लगाकर माला पहनाकर और साल भेटकर बहुमान किया गया। वही मुख्य मार्गो पर ट्रस्टी राजेश नलखेड़ा ने बैंड पर “मेरे मन में पारसनाथ तेरे मन में पारसनाथ रोम रोम में समाया पारस नाथ रे” एवं ट्रस्टी मनीष कुमट झकनावदा ने “ओ भेरू सा थारो भक्त बनू में थारो सेवक बनू में हर पल तेरे साथ रहु में “ जैसे भजनों की रंगा रंग प्रस्तुतियाँ दी। वही दादा के आदेशनुसार वरघोड़े में महिलाएँ अपने हाथों में श्रीफल लिए नजर आई तो पुरुष अपने मस्तक पर पगड़ी पहने नजर आए। इसके साथ ही श्रद्धांजलि चौक स्थित अकमाल सिंह (मालू) डामोर मित्र मंडल ने भव्य वरघोड़े का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
*लाभार्थीयों नें महाआरती उतारी*
पोष दशमी के पावन अवसर पर ट्रस्टी राजेश काठेड़ नलखेड़ा, ट्रस्टी मनीष कुमट झकनावदा के द्वारा श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ भगवान, मंगल दीवो, श्री नाकोड़ा भैरव देव व दोनों चवर ढुलाने के चढ़ावे बोले गए, जिसमे लाभार्थीयों ने बढ़ चढ़ कर चढ़ावे लिए और महाआरती उतारी ।
*लाभार्थीयों व पत्रकारों का किया बहुमान*
पोष दशमी महोत्सव के पावन अवसर पर पूरे दिन के नवकारसी अन्नपूर्णा के मुख्य लाभार्थी नारायणलाल भैरा जी सोलंकी (राठौड़) परिवार पेटलावद, पाँच घुड़सवार, इक्कीस बाग़ियों, बैंड, ढोल, टेंट सेवा, लाइट सेवा, जल सेवा, केमरा सेवा, आयोजन प्रचार प्रसार सेवा देने वाले समस्त लाभार्थीयों का एवं पेटलावद नगर के वरिष्ठ अधिमान्य पत्रकार संजय लोढ़ा, निर्मल व्यास, संजय बैरागी, वीरेंद्र भट्ट,मनोज पुरोहित, जितेश विश्वकर्मा, मनोज जानी, राकेश डूंगरवाल, पीयूष पटवा का ट्रस्टी राजेश कांठेड़, सौरभ खेमेसरा मेघनगर, जयेश जैन सैलाना, ट्रस्टी पदम् मेहता पेटलावद, ट्रस्टी हेमंत मेहता रतलाम एवं कार्यकारिणी सदस्यों ने सभी का दुपट्टा व पगड़ी पहनाकर बहुमान किया।
इस अवसर पर राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलोर, दिल्ली के भक्तों ने बड़ी संख्या में पहुँच कर दर्शन लाभ लिया एवं गादीपति श्री सुमित जी पिपाड़ा से आशीर्वाद लिया।
*जल्द होगा मेवानगर में श्री नाकोड़ा पार्श्व धाम का निर्माण*
ट्रस्टी राजेश कांठेड़ नलखेड़ा ने उपस्थित समस्त भक्तों को जानकारी देते हुए बताया की राजस्थान की प्रथम मेवानगरी के बाद अब मध्यप्रदेश की द्वितीय मेवानगरी पेटलावद में बनने जा रही ही जो की यह विशाल मेवानगरी भोपावर जीर्णोद्वारक श्री नवरत्न सागर सूरि जी महाराजा के सुशिष्य वर्तमान आचार्य युवा हृदय सम्राट परम पूज्य श्री विश्वरत्न सागर सूरिश्वर जी महाराज साहब की पावन निश्रा में बनेगी। यदि इसमे कोई भी परिवार महानुभाव लाभ लेना चाहता है तो उसका भूमि का नख़रा निर्धारित किया गया है । अगर कोई लाभ लेना चाहता है तो वह श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव ट्रस्ट मंडल मेवानगर पेटलावद से संपर्क कर लाभ ले सकते है। आयोजन का सफल मंच संचालन राजेश काठेड़ व मनीष कुमट ने किया, आभार सौरभ खेमेसरा ने माना ।
*रात्रि प्रभु भक्ति में श्रेयांश दख व संभव भंडारी ने बाँधा समा*
रात्री आरती पश्चात श्री दामोदर कालोनी स्थित भैरव दरबार परिसर में विशाल भक्ति संध्या का आयोजन आयोजित किया गया। जिसमे मंदसोर जिले के नारायणगढ़ के सुप्रसिद्ध गीतकार श्रेयांश दख ने अपनी सुमधुर वाणी से श्री पार्श्वनाथ भगवान व श्री नाकोड़ा भैरव को अपने भजनों से खूब रिझाया। वही संभव जैन सीतामहु ने अपने भजनों से सभी का दिल जीता वही भक्त अपने आप को रंगारंग भजनों की प्रस्तुति पर नाचने से नहीं रोक पाए। भक्ति संध्या में आसपास के क्षेत्र से बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। सम्पूर्ण आयोजन में मेवानगर पेटलावद कार्यकारिणी का सराहनीय सहयोग मिला उक्त जानकारी श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव मेवानगर पेटलावद कार्यकारिणी मीडिया प्रभारी पीयूष पटवा ने दी ।

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