बजने वाली है शहनाई ओर ढोल ,सजने वाला है बेंड, बाजा ओर बारात ,होगा दावतों का इंतजाम , देवउठनी ग्यारस से शुरू हुआ मांगलिक कार्यों का सिलसिला*

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बजने वाली है शहनाई ओर ढोल ,सजने वाला है बेंड, बाजा ओर बारात ,होगा दावतों का इंतजाम , देवउठनी ग्यारस से शुरू हुआ मांगलिक कार्यों का सिलसिला*

 *बजने वाली है शहनाई ओर ढोल ,सजने वाला है बेंड, बाजा ओर बारात ,होगा दावतों का इंतजाम , देवउठनी ग्यारस से शुरू हुआ मांगलिक कार्यों का सिलसिला*

*नवम्बर दिसम्बर ओर 2026 के शुभ मुहूर्त पर प्रकाश डालते विद्वान ज्योतिषविद डॉ के के श्रीवास्तव*

               *कर ले तैयारी

(मनोज पुरोहित)

पेटलावद। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की ग्यारस को देवउठनी ग्यारस भी कहा जाता है, शनिवार 01 नवम्बर को देवउठनी ग्यारस है, इस दिन को छोटी दिपावली के रूप मेंमनाया जाता है । पोराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्री विष्णु 04 माह की चिर निद्रा के बाद जागते है इस दिन श्री तुलसी और शाकिग्राम जी का विवाह भी करके पुण्य व मांगलिक कार्य किया जाता है । 


*सनातनी समाज मुहूर्त अनुसार करता है मांगलिक कार्य*

हिन्दू  सनातनी समाज मे देवउठनी ग्यारस से शुभ आयोजन ओर मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है। इस वर्ष शनिवार से शुभ कार्यो कि शुरुआत हो चुकी है ।  हमारे यहाँ समस्त मांगलिक कार्यों को शुभ मुहूर्त पर किये जाने का चलन है।    इस वर्ष माह नवम्बर दिसम्बर  2025 में ओर वर्ष 2026 में निम्न शुभ मुहूर्त बताए गए है ।


*16 दिसम्बर तक बज सकेगी  शहनाई*

ज्योतिष विद श्री के के श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि 

नवम्बर दिसम्बर में देवउठनी ग्यारस के पारंपरिक मुहूर्त के साथ ही नवम्बर माह में 06,07 16,22, 23,24,25,30 नवम्बर को तो दिसम्बर में 04, 05,06 दिसम्बर को विवाह के शुभ मुहूर्त है । वही दिनाक 22,23,24,25 30 के उक्त मुहूर्त  सर्व दोष रहित विवाह हेतु  श्रेष्ठ मुहूर्त है ।  इस तरह से नवम्बर दिसम्बर 2025 के इन दो माह में  15 से अधिक शुभ मुहूर्त विवाह और मांगलिक कार्यो हेतु है विद्वानों द्वारा बताया गया हे।

*2026 में इन मुहूर्त पर होंगे शुभ कार्य*


वही वर्ष 2026  के बारे में डॉ श्रीवास्तव द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2026 मे  फरवरी में दिनाक 04,05,06,10,20 25,26 को तो मार्च में 10,11 अप्रैल में 20,21 26 मई में 05 ,06 जून में 19 23,29 को शुभ मुहूर्त है  ।

*6 माह वर्जित रहते है मांगलिक कार्य*

उल्लेखनीय हे की हर वर्ष  दो मलमासों एवं चातुर्मास के कारण छह महीने विवाह आदि शुभ कार्य वर्जित रहते हैं।

शेष छह महीनों में विवाह आदि मांगलिक कार्य होते हैं।

लेकिन इस बार सन् 2026 में इनके अतिरिक्त ज्येष्ठ मास अधिक मास होने से एक महीने और गुरु के सिंह राशि में रहने से नवंबर दिसंबर में भी विवाह मुहूर्त नहीं रहेंगे।

अतः वर्स 2026 में  पूरे साल में केवल तीन महीनों की अवधि में ही विवाह आदि मांगलिक कार्यों हेतु केवल सत्रह शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे।

 *मलमास ओर शुक्र ग्रह  भी रहेगा कारण*


शास्त्र अनुसार वृश्चिक राशि के सूर्य में कुल छह दिन विवाह मुहुर्त जनवरी 2026 में 14 जनवरी तक मलमास होने एवं 31 जनवरी तक शुक्र ग्रह अस्त होने से विवाह मुहूर्त नहीं रहेंगे।

फरवरी  में कुल सात दिन विवाह मुहूर्त रहेंगे। 

मार्च में केवल दो दिन विवाह मुहूर्त रहेंगे।

15 मार्च से 15 अप्रैल तक पुनः मलमास रहेगा।

फिर 20 अप्रैल से 14 मई तक कुल पाँच मुहूर्त रहेंगे।

आगे ज्येष्ठ मास अधिक मास होने से 16 मई से 15 जून तक मुहूर्त नहीं रहेंगे।

15 जून से 29 जून तक कुल तीन मुहूर्त रहेंगे।

इसके बाद  चातुर्मास एवं दिनांक 20 अक्टूबर से 20 जनवरी 2027 तक सिंह राशि के गुरु के कारण मुहूर्त नहीं रहेंगे।

इस प्रकार जुलाई 2026 से बाद 20 जनवरी 2027 तक लगभग साढ़े छह महीने तक कोई विवाह मुहूर्त नहीं रहेगा।

*कर ले अभी से तैयारी*

अतः इस वर्ष में विवाह इच्छुक लोगों को समय रहते उचित समय पर कार्य योजना तैयार कर लेना चाहिए।

 



 

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