*50 साल पुरानी मुख्य सड़क पर अवैध कब्जा ?*
इंदौर आनंदी नगर के रहवासियों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन,
भू-माफियाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग
निर्मल रोकड़े,मनोज उपाध्याय
इंदौर। खजराना थाना क्षेत्र और जूनी इंदौर तहसील के अंतर्गत आने वाली आनंदी नगर कॉलोनी में एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां की करीब 50 साल पुरानी मुख्य सड़क पर कुछ भू-माफियाओं और असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है, जिससे स्थानीय निवासियों का जीवन दूभर हो गया है और यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
इस अवैध कब्जे से परेशान कॉलोनी के सैकड़ों रहवासियों ने आज एकजुट होकर जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाया। रहवासियों ने एक बड़ा ज्ञापन इंदौर कलेक्टर महोदय के नाम सौंपा, जिसकी प्रतियां जूनी इंदौर के तहसीलदार कमलेश कुशवाहा और इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी महोदय को भी दी गईं।
मुख्य सड़क पर बाधा, बढ़ी परेशानी
ज्ञापन में रहवासियों ने स्पष्ट किया है कि यह सड़क कॉलोनी की जीवनरेखा है, जिसका उपयोग पिछले पांच दशकों से किया जा रहा है। अवैध कब्जे के कारण न केवल सड़क की चौड़ाई कम हो गई है, बल्कि आए दिन छोटे-मोटे विवाद और यातायात जाम की स्थिति भी बनी रहेगी खासकर बुजुर्गों, बच्चों और आपातकालीन वाहनों के लिए यह कब्जा एक बड़ी बाधा बन गया है। रहवासियों का आरोप है कि भू-माफियाओं ने सुनियोजित तरीके से सड़क के एक बड़े हिस्से पर अस्थायी निर्माण कर लिया है, जिससे कॉलोनी का विकास अवरुद्ध हो गया है।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
आनंदी नगर कॉलोनी के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से अपील की है कि वे इस मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ सख्त कानूनी और रिमूवल की कार्रवाई करें। उनकी प्रमुख मांग है कि:
* 50 साल पुरानी मुख्य सड़क को उसके मूल स्वरूप में बहाल किया जाए।
* अवैध कब्जा करने वालों पर एफआईआर दर्ज की जाए और सख्त जुर्माना लगाया जाए।
* तहसीलदार और आईडीए के अधिकारी संयुक्त रूप से मौका मुआयना कर सड़क की वास्तविक सीमा का सीमांकन करें।
तहसीलदार और आईडीए को भी ज्ञापन
जूनी इंदौर तहसीलदार और आईडीए सीईओ को दिए गए ज्ञापन में रहवासियों ने कहा है कि चूंकि यह क्षेत्र तहसील और विकास प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए यह उनकी जिम्मेदारी है कि वे सार्वजनिक उपयोग की जमीन को कब्जा मुक्त कराएं।
प्रशासन का रुख:
फिलहाल, इस मामले पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन जूनी इंदौर तहसीलदार कार्यालय ने रहवासियों को जल्द ही मौका मुआयना करने और विधि अनुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन, शहर के विकास और कानून व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए, कब तक इस 50 साल पुरानी मुख्य सड़क को अवैध कब्जों से मुक्त करा पाता है। रहवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस अवसर पर उपस्थित भाजपा नेता शुभम बिल्लौरे, सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकार निर्मल रोकड़े, चिंटू फरकले,मन्सुर पटेल, मुकेश नीमा, हेमन्त राठोड़ असलम पटेल,सत्तार पटेल,मनोज सनोरे, मुन्सी पटेल,अखलेश कनाडे,हनिफ पटेल,कालु भमोरे सहित बड़ी संख्या में रहवासी उपस्थित रहे

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