*शिवकुंड शबरी धाम में श्रम साधकों एवं परिजनों ने पौधों को बांधे रक्षा सूत्र*
*बच्चियों को भेंट किए बैग तो चेहरे खिल उठे*
(मनोज पुरोहित)
पेटलावद।अंचल के प्राचीन तीर्थ शिवकुंड शबरी धाम पर श्रम के साथ विभिन्न कार्य में सहयोगी परिवारों ने रक्षाबंधन उत्सव के तहत मिलन समारोह आयोजित किया। शिवकुंड को हरा भरा करने में सहयोगी रहे सभी साधकों एवं उनके परिजन इस आयोजन में सहभागी बने।
आयोजन को लेकर शिवकुंड धाम की तस्वीर बदलने में लगे संस्कृत प्रचारक मोहन डामर ने बताया कि शिवकुण्ड धाम के निकट गांवों के जो लगभग अस्सी से सौ लोग सतत यहां के सभी कार्यों में सहयोग करते रहते हैं। उन परिवारों की बच्चियों और पालकों को प्रोत्साहन देने के लिए बच्चियों को बैग और पुरुषों को छाते धाम से जुड़े गोपाल जी शर्मा , योगाचार्य ऋषिकेश सारथी संकल्प ग्रामीण उत्थान समिति और संस्कृत भारती विभाग सहसंयोजक रतलाम विभाग के सहयोग से भेंट किए गए
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*रक्षा सूत्र बांधकर लिया संकल्प*
इस समारोह में उपस्थित रहे ग्रामीणों एवं बच्चियों ने यहां पर रोपित पौधों को रक्षा सूत्र बांधकर उनकी देखभाल का संकल्प लिया। इस मौके पर सारथी संकल्प ग्रामीण उत्थान समिति के सदस्यगण, संस्कृतभारती की समिति और मम ग्राम: मम तीर्थम् समिति के सदस्य के साथ ग्रामीण जन मौजूद रहे।
*इनका सहयोग रहा*
आयोजन में सामाजिक कार्यकर्ता गजेन्द्रसिंह राठौर, महेंद्र राठौर , बसन्तदास बैरागी , रामचंद्र पाटीदार, राजेंद्र सिंह चौहान, मायाराम कटारा ,भगत रामचंद्र बा परमार ,लक्ष्मण डामर, रतन डामर , पुनाजी मेड़ा, नानुराम मेड़ा, रायचंद भूरिया , अमरसिंह गणावा, सूरजी निनामा, सुखराम कटारा, कोदरसिह निनामा के साथ अन्य साथीगण का सहयोग रहा।

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