दूषित पानी के कारण ग्राम पंचायत भामल
में 11 से अधिक महीला एवं पुरुष हुए बीमार
पेटलावद निजी हॉस्पिटल में इलाज जारी
मनोज उपाध्याय,राजेश डामर ,मनोज पुरोहित,प्रकाश पडियार
थांदला । पेटलावद शनिवार रात्रि में शमीप ग्राम पंचायत भामल तहसील थान्दला खवासा क्षेत्र के लगभग 11 से अधिक लोग उल्टी दस्त की शिकायत लेकर स्थानीय निजी अस्पताल पेटलावद में भर्ती होने की सूचना मिली है प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना तहसील के ग्राम खवासा के निकटतम ग्राम पंचायत भामल में राजपूत समाज सहित आदिवासी समाज के अलग-अलग घरों के 11 से अधिक मरीजों को गांव वालों के द्वारा परिजनों के साथ मिलकर पेटलावद के नीजी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है लगातार पीड़ितों के द्वारा उलटी दस्त की शिकायत करते हुए अत्यधिक गंभीर व्यवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया
इनका उपचार चोयल हॉस्पिटल में जारी है,,
1. नंदी बाई बहादुर-65
2,कोदी बाई नारायण सिंह 40
3. पल्लवीतसिंह 25
4. तुषार अंतरसिंह 24
5. रामी बाई कोदर सिंह 75
6. रामसिंह लालसिंह पलारा 55
7.शांति बाई की रामसिंह पलारा 55
8. मांगू भरत सिंह 30
9. शांति बाई नाहर सिंह 65
10.दिलीप नाहर सिंह 40
कालू अमर सिंह
11.नारायण बहादुर 70
अस्पताल की चिकित्सक डॉक्टर उर्मिला चोयल के द्वारा अपने स्टाफ के साथ मिलकर रात्रि में सभी मरीज का तत्काल उपचार किया एवं चिकित्सकों के अनुसार सभी लोग अलग-अलग परिवार के हैं जिसमें 6 महिलाएं और पांच पुरुष है वही एक अन्य व्यक्ति अन्य निजी अस्पताल में भर्ती होना बताया जा रहा है वहीं सूत्रों की माने तो एक व्यक्ति की गांव में ही मृत्यु हुई है। ग्रामीणों कि माने तो सभी मरीजों को उल्टी दस्त की शिकायत ग्राम पंचायत के द्वारा की जा रही पेयजल सप्लाई की खराब व्यवस्था के कारण उत्पन्न होना बताई जा रही है हॉस्पिटल भर्ती मरीजों को देखने प्रशासन की ओर से तहसीलदार हुकुम सिंह निगवाल पटवारी श्याम पाल सिंह चंद्रावत भी दलबल सहित मौके में पहुंचे हैं वहीं थाना प्रभारी निर्भय सिंह भूरिया भी अपने दल बल के साथ मौके पर पहुंचे हैं सुनिए अस्पताल के चिकित्सक और ग्रामीणों ने क्या बताया इस पूरे
मामले में ग्राम पंचायत भामल की लापरवाही सामने आ रही है ग्राम वासियों के अनुसार जिस कुएं से पंचायत में पेयजल सप्लाई होता है वह खुला हुआ है और उसी के पास से गंदा नाला भी भह रहा है कुआं में साफ सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है और ना ही पंचायत में कोई आरो का प्लांट भी स्थापित नहीं है ग्रामीणों का आरोप है कि कूवे में मरे हुए जीव जंतु और कचरा आदि भी कुएं में गिरा रहता है और दूषित पानी ग्राम पंचायत के द्वारा ग्रामीणों को पेयजल हेतु सप्लाई किया जाता है पूरे मामले में झाबुआ जिले में शासन-प्रशासन की नल जल योजना पर सवाल खड़े हो रहे हैं और प्रशासन तथा ग्राम पंचायत की लापरवाही उजागर हो रही है।

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