रुद्राक्ष,गोमती चक्र ओर कौड़ियों से हुआ खेड़ापति हनुमानजी महाराज का भव्य ओर आकर्षक श्रृंगार के दर्शन को लग रही भक्तों की भीड़*

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रुद्राक्ष,गोमती चक्र ओर कौड़ियों से हुआ खेड़ापति हनुमानजी महाराज का भव्य ओर आकर्षक श्रृंगार के दर्शन को लग रही भक्तों की भीड़*

 *रुद्राक्ष,गोमती चक्र ओर कौड़ियों से हुआ खेड़ापति हनुमानजी महाराज का भव्य ओर आकर्षक श्रृंगार के दर्शन को लग रही भक्तों की भीड़*

*121 साल पुराना रिकॉर्ड रियासतकालीन पौराणिक मंदिर,  एक  साथ हनुमानजी की दो मूर्तियां  ,दे रही धर्म ओर भक्ति का प्रमाण*

(मनोज पुरोहित)

पेटलावद। हमारे नगर पेटलावद को धर्म नगरी  इसलिए कहा जाता हे, क्योंकि यहां प्रतिदिन सामाजिक,धार्मिक आयोजन होते हे । प्रतिवर्ष के अनुसार इस वर्ष भी हमारे आराध्य ओर नगर  रक्षक बाबा बजरंगबली की हनुमान जयंती प्राकट्योत्सव का आयोजन पूरे क्षेत्र में धूमधाम से मनाने की तैयारी जोरो पर हे । इस वर्ष हनुमान जयंती  शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा 02अप्रैल  गुरुवार को मनाई जाएगी।

*श्री खेड़ापति हनुमानजी मंदिर हे भक्तों की आस्था का केंद्र*


 नगर की पहचान पम्मपावती नदी के किनारे  मेला ग्राउंड स्थित सुप्रसिद्ध श्री वीर ओर दास हनुमानजी  श्री खेड़ापति हनुमानजी मंदिर भक्तों की आस्था ओर विश्वास का केंद्र हे , यहां पर प्रतिदिन के अलावा  हर शनिवार मंगलवार को विशेष पूजन,अर्चना ओर आरती ओर प्रसादी का वितरण होता हे ओर हनुमान जयंती महाप्रसादी का आयोजन होता हे,  जहा पर दर्शन पूजन के लिए दूरदराज से भक्तजन पधारते हे।


*वीर ओर दास की एक साथ दो चमत्कारी मूर्तियां , रियासतकाल के प्रमाण आज भी मौजूद 121 साल से भी पुराना मंदिर*

पूरे क्षेत्र में एक यही मंदिर हे जहा बाबा बजरंगबली की एक साथ दो मूर्तियां जिसे वीर ओर दास हनुमानजी के नाम से जाना जाता हे, लगभग लगभग 05 फीट ऊंची ये  विशाल प्रतिमाएं दक्षिण मुखी हे , वहीं इनके साथ ही मंगलकर्ता गजानन जी विशाल बिल्वपत्र के वृक्ष  में भगवान शिव परिवार विराजित हे,साथ ही  सर्व पितृ भी की मूर्तियां भी हे । पुजारी प्रदीप कुमार सुरेशचंद्रजी (बब्बन जी) दवे के अनुसार उनकी छठी पीढ़ी इस मंदिर की पूजा अर्चना कर रही हे,यदि इतिहास पर नजर डाले तो उनके पास वर्ष 1905 का रिकॉर्ड इस मंदिर का उपलब्ध हे जिसका सीधा सा अर्थ यह है अंग्रेजी शासन काल से पूर्व  रियासतकाल से यह मंदिर स्थापित हे, 1905 के रिकॉर्ड अनुसार तो 121 वर्ष  मंदिर का प्रमाण दे रहे हे ।


*आकर्षक ओर भव्य श्रृंगार बना आस्था का केंद्र*

इस मंदिर पर आने वाले भक्तों की आस्था अटूट हे , हनुमान जयंती से पूर्व इस मंदिर पर स्थापित वीर हनुमानजी का लगभग 3500 कौड़ी तो दासजी का लभग  04 हजार रुद्राक्ष से  तो गजानन जी का  लगभग 1500 गोमती चक्र से भव्य ओर आकर्षक श्रृंगार किया गया हे ,जो अपने आप में अनुठा ओर आकर्षक तथा भव्य  मनमोहक श्रृंगार है, जिसके दर्शन के लिए दूरदराज से भक्तजन आ रहे हे, ओर इस मनमोहक श्रृंगार (चोला) की चर्चा पूरे अंचल में हो रही हे । उल्लेखनीय है कि इस आकर्षक  श्रृंगार चोला के लाभार्थी नगर के प्रसिद्ध प्रापर्टी व्यवसायी श्री राजेश नागर हे जिन्होंने स्वयं लगातार 03 दिनों तक मेहनत करके इस चोले को चढ़ाया हे ! *अशोक प्रजापति ओर  संजय ,(छोटूजी )चतुर्वेदी ने भी चोला चढ़ाने में सहयोग दिया*

*लेवे धर्म लाभ*

पंडित प्रदीप (बबन जी)दवे  ने आगामी 02अप्रैल हनुमान जयंती पर समस्त धर्म प्रेमी जनता से दर्शन कर महाप्रसादी ग्रहण करने की अपील की हे ।

 



 

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