धर्म रक्षा हेतु आदिवासी समाज सुधारक संघ का विरोध प्रदर्शन
राजेश डामर
थांदला/मेघनगर (झाबुआ),
देश में बढ़ते अवैध धर्मांतरण के विरोध में आज आदिवासी समाज सुधारक संघ झाबुआ द्वारा थांदला एवं मेघनगर क्षेत्र में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। संघ के पदाधिकारियों और सैकड़ों आदिवासी परिवारों ने एकजुट होकर धर्म की रक्षा और सांस्कृतिक अस्मिता को बनाए रखने का संकल्प लिया।
संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि मालवा अंचल सहित मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, गुजरात, हिमाचल, उड़ीसा, उत्तराखंड आदि राज्यों में धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम लागू है, जिसमें किसी भी नागरिक को अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता दी गई है, परंतु किसी अन्य व्यक्ति को लालच, प्रलोभन या दबावपूर्वक धर्म परिवर्तन कराने को अपराध घोषित किया गया है।
विरोध प्रदर्शन में वक्ताओं ने कहा कि कानून होने के बावजूद कुछ विधर्मी संगठन छल-कपट व लालच देकर आदिवासी परिवारों को धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर कर रहे हैं। कई मामलों में पुलिस ने ऐसे लोगों पर प्रकरण दर्ज किए हैं और अदालतों ने उन्हें सजा भी सुनाई है।
आदिवासी समाज के नेताओं ने सर्वोच्च न्यायालय में दायर उन याचिकाओं का भी विरोध किया जिनमें राज्यों के धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम को चुनौती दी गई है। उनका कहना है कि यह एक सुनियोजित षड्यंत्र है, जिससे आदिवासी समाज की धार्मिक आस्था को कमजोर किया जा रहा है।
नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सर्वोच्च न्यायालय में ऐसे कानूनों में परिवर्तन लाने का प्रयास किया गया तो आदिवासी समाज उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
संघ के कार्यकर्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज सदियों से सनातन संस्कृति से जुड़ा रहा है और किसी भी कीमत पर अपने धर्म व परंपरा से विचलित नहीं होगा

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