*धर्म के लिए बलिदान देने वाले महान संत थे आचार्यश्री धर्मदास जी नीरज जी जेन*
(मनोज पुरोहित)
पेटलावद।धर्म के लिए बलिदान देने वाले महान संत थे आदिआचार्य पूज्य श्री धर्मदास जी महाराज साहब। वे हमे हमें ऐसा सुंदर परिवेश व परंपराएं देकर गए है कि जब भी समय मिले उनका आलंबन लेकर धर्म साधना में जुड़ जाना चाहिए। मनुष्य भव देवता भी चाहते है जो हमें मिल गया है अब आचार्य श्रीजी कि तरह जीवन जीकर यह मानव भाव सफल बनाना है।
उक्त भाव स्वाध्यायी नीरज जैन ने आचार्य श्री धर्मदासजी मसा की दीक्षा तिथि के अवसर पर कहे।
स्वाध्यायी सोहनलाल चाणोदिया ने कहा वर्तमान में स्थानकवासी जैन संप्रदाय की जितनी भी परंपराएं हैं वह सभी धर्मदास जी महाराज साहब की परंपरा से निकली है।आज वे सभी धर्म जैन धर्म की उत्कृष्ट प्रभावना कर रहे है।
समग्र जैन समाज में सामूहिक औली की आराधना चल रही है। तीसरे दिन 54 , चौथे दिन 59 आयंबिल हुए। लाभार्थी महावीर समिति के अध्यक्ष संजय कुमार भंवरलाल जी व्होरा एवं पंकज कुमार यशवंत कुमार पटवा परिवार रहे। प्रभावना के लाभार्थी अजय कुमार व्होरा, हर्ष कुमार दिलीप कुमार लोढा, अमृतलाल मथुरालाल मेहता परिवार रहे। आयंबिल शाला में छोटे-छोटे बच्चे अपनी आदर्श सेवाएं दे रहे हैं। एवं स्वयं भी आयंबिल से तप आराधना भी कर रहे है।y

.jpg)



.jpg)
















