*आज होगा 51 फीट ऊँचे रावण का दहन*
64वां विजयादशमी मवेशी मेला, कवि सम्मेलन एवं कृषि प्रदर्शनी 1 से 3 अक्टूबर तक
मनोज उपाध्याय,राजेश डामर
थांदला। नगर परिषद् थांदला जिला झाबुआ के तत्वावधान में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी 64वां विजयादशमी मवेशी मेला, कवि सम्मेलन एवं कृषि प्रदर्शनी का तीन दिवसीय आयोजन किया जा रहा है। यह मेला 1 से 3 अक्टूबर तक विविध सांस्कृतिक व सामाजिक कार्यक्रमों के साथ मनाया जा रहा है।
सुंदरकांड के साथ हुआ शुभारंभ
1 अक्टूबर बुधवार को रात्रि 8 बजे रामायण पारायण के आयोजन के साथ मेले का परंपरागत शुभारंभ हुआ।
आज का मुख्य आकर्षण : रावण दहन और नाटक मंचन
2 अक्टूबर गुरुवार को रात्रि 8 बजे रंगारंग आतिशबाजी होगी।
पीपल खूंटा पर महंत श्री दयारामदासजी महाराज आशीर्वचन देंगे।
बड़े रामजी मंदिर से रथ यात्रा के साथ भगवान श्रीराम नगर भ्रमण करते हुए लंका दशहरा मैदान पहुंचेंगे।
यहाँ परंपरानुसार भगवान श्रीराम के हाथों 51 फीट ऊँचे रावण का वध होगा।
रात्रि 9 बजे रावण दहन का आयोजन होगा, जो बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देगा।
इसके पश्चात रात्रि 10 बजे श्री सत्यवीर तेजाजी नाटक मंचन होगा, जिसमें स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे।
तीसरा दिन : कबड्डी और विराट कवि सम्मेलन
3 अक्टूबर शुक्रवार को सुबह 11 बजे से कबड्डी प्रतियोगिता आयोजित होगी, जिसमें आसपास के क्षेत्रों की टीमें शामिल होंगी।
शाम 7 बजे समापन समारोह एवं पुरस्कार वितरण होगा।
स्वदेशी जागरण मंच द्वारा स्वदेशी अपनाने की शपथ दिलाई जाएगी।
रात्रि 9 बजे अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन में देशभर के ख्यातिप्राप्त कवि हास्य, व्यंग्य, श्रृंगार और राष्ट्रभक्ति की कविताओं से श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखेंगे।
आयोजन समिति
नगर परिषद् थांदला अध्यक्ष : श्रीमती लक्ष्मी सुनिल पणदा
मुख्य नगर पालिका अधिकारी : कमलेश जायसवाल
मेला अधिकारी : पप्पू बारिया
समिति अध्यक्ष : पंकज राठौड़ (जागीरदार एवं उपाध्यक्ष नगर परिषद्)
सहायक मेला अधिकारी : गौरांकसिंह राठौड़
यशदीप अरोरा, अंशुल परिहार, पारसिंह पारगी ,धार्मिक आचार्य
मुकेश देवदा साथ समस्त कर्मचारी
नगर परिषद् के पार्षदगण, जनप्रतिनिधि एवं विधायक प्रतिनिधि विरेंद्र बारिया सहित अनेक सदस्य आयोजन में सक्रिय सहयोग कर रहे हैं।
पारंपरिक और आधुनिकता का संगम
इस बार का मेला स्थानीय संस्कृति की झलक दिखाने के साथ-साथ कृषि प्रदर्शनी के जरिए किसानों को उन्नत खेती और नई तकनीकों से अवगत कराएगा। यह मेला सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से पूरे क्षेत्र की पहचान बन चुका है।

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