तेज हवा व बारिश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विजयादशमी उत्सव के निमित बेड़ावा मंडल में पथ संचलन निकला।
राजेश डामर
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ थांदला खंड के बेडावा मंडल में शनिवार को आंधी तूफान और बारिश के चलते स्वयंसेवकों ने आत्म अनुशासन दिखाते हुए पथ संचलन निकाला। संचालन में बड़ी संख्या में बाल किशोर व तरुण व वरिष्ठ स्वयंसेवक सम्मिलित हुए।
इस अवसर पर जिले के शारीरिक प्रमुख मुख्य वक्ता श्री कालू सिंह जी चरपोटा ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि विजयादशमी उत्सव पराक्रम एवं शौर्य का प्रतीक है । यह शक्ति की उपासना का पर्व है भारत सदियों से पराक्रमी होने के बाद भी गुलाम क्यों हुआ क्योंकि हमने शक्ति की उपासना करना छोड़ दिया अपना आत्मभाव स्व को भुला दिया।
श्री चरपोटा ने कहा गुलामी की वेदना ने डॉक्टर हेडगेवार जी के मन में देश की स्वतंत्रता एवं उसके बाद हिंदू समाज को गठित करने अनुशासित करने का संकल्प लेकर 1925 में या दशमी के दिन संघ की स्थापना की। प्रारंभ में संघ का उपवास उड़ाया गया लेकिन सतत कार्य के आधार पर निरंतर प्रगति करता रहा संघ पर तीन प्रतिबंध लगे लेकिन संघ का स्वयंसेवक सदैव तटस्थ रहा संगना ने हिंदू समाज को जागृत करने का कार्य किया हमारा उद्देश्य राष्ट्र को परम वैभव पर पहुंचाना है 100 वर्ष के संग यात्रा में व्यक्ति से समाज और समाज से राष्ट्र का निर्माण करना है।
श्री चरपोटा ने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि प्रत्येक कार्यकर्ता को अपने परिवार में पच परिवर्तन का पालन करना है स्व का जागरण यह देश मेरा है यहां की संस्कृति मेरी है। सामाजिक समरसता सभी हिंदू मेरे बंधु है का भाव के साथ पर्यावरण संरक्षण करने इस धरती मां को पर्यावरण प्रदूषण उनसे बचने का संकल्प लेना है अपने परिवार के प्राचीन संयुक्त परिवार भाव को स्थापित करना है राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी नागरिक कर्तव्य का पालन करना है हम सबको यह विचार करने की आवश्यकता है कि जो प्राण हमने किया है जो उद्देश्य हमारे सामने हैं उसे प्राप्त करने के लिए हम कितना कार्य कर रहे हैं जिस गति से हम प्रयास कर रहे हैं वह क्या पर्याप्त है इस गति से और इस प्रमाण से क्या हमारा उद्देश्य लक्ष्य की पूर्ति हो जाएगी क्या हमारा कार्य क्षेत्र संपूर्ण हिंदू समाज है ऐसा कौन पत्थर दिल हिंदू होगा जो हमारी आत्मीय वाणी नम्रता पूर्ण व्यवहार शब्दों को सुनने से इनकार कर देगा इसलिए हमें अपने पंच संकल्प और अपने विचारों को लेकर हिंदू समाज के प्रत्येक परिवार तक इस शताब्दी वर्ष में पहुंचना है तभी हमारी शताब्दी वर्ष की सार्थकता सिद्ध होने वाली है। इस कार्यक्रम में विशेष रूप से प्रांत सह प्रचारक केतन जी सोत्रि तथा रतलाम विभाग प्रचारक श्री कृष्णकांत जी पांडे , रतलाम विभाग पर्यावरण संयोजक भूषण भट्ट एवं जिला प्रचारक रजत जी चौहान उपस्थित रहे। तथा मंच पर सामाजिक कार्यकर्ता भुडा जी मेडा व खंड कार्यवाह चंद्रेश जी प्रजापत उपस्थित थे

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