*गुरुभक्ति का संगम: पेटलावद में अखंड संकीर्तन के साथ श्री जी पादुका स्पर्श महोत्सव का शुभारंभ*
*तीन आरती व अन्नपूर्णा पूजन प्रतिदिन*
- *गुजरात से आए भक्तों के स्वागत में निकली शोभायात्रा*
(मनोज पुरोहित)
*पेटलावद।* श्री सरस्वती नंदन स्वामी भजनाश्रम में 'श्री जी पादुका स्पर्श महोत्सव' के पावन अवसर पर देशभर से आए गुरुभक्तों का समागम शुरू हो चुका है।
22 मई को विभिन्न प्रदेशों से आए श्रद्धालुओं का पेटलावद की पावन धरा पर आगमन हुआ, जिसके बाद 23 मई शनिवार को अरुणोदय बेला अलसुबह में विधि-विधान से आरती-पूजन के साथ दिव्य अखंड संकीर्तन का मंगल शुभारंभ किया गया।
अधिकमास के पावन योग में आयोजित हो रहा यह अखंड हरिनाम संकीर्तन आगामी 26 मई तक निरंतर चौबीसों घंटे गूंजेगा, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय होगा।
गुजरात से या भक्तों का दल, स्वागत में निकली शोभायात्रा-
महोत्सव के तहत नगर में गुरुभक्तों के एक दल का आगमन हुआ। गुजरात के बड़ौदा (वडोदरा) से भक्तों का एक विशाल जत्था ट्रेन द्वारा बामनिया स्टेशन पहुंचा।
बामनिया स्टेशन पर सभी आगंतुक भक्तों का आत्मीय स्वागत और अल्पाहार हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं को पेटलावद के ऐतिहासिक नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर पहुँचे। जहाँ दर्शन पश्चात
नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर से भगवान के जयकारों और भजन-कीर्तन की धुनों पर एक भव्य व विशाल शोभायात्रा निकाली गई।
यह शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए गुरुद्वारा मंदिर पहुंची। यात्रा का दवे व भट्ट परिवार ने स्वागत किया।
महाआरती और आत्मीय मिलन
शोभायात्रा के गुरुद्वारा मंदिर पहुंचने पर भव्य महाआरती का आयोजन भी हुआ।
तत्पश्चात, देशभर से आए गुरुभक्तों और स्थानीय श्रद्धालुओं का एक आत्मीय मिलन समारोह हुआ।
अरुणोदय वेला मे गुरुदेव की मंगला आरती के साथ अखंड संकीर्तन का शुभारंभ हुआ। जिसमे गुजरात से आये भक्तो ने अपने चार दल बना कर अखंड कीर्तन के क्रम को प्रारंभ किया।
भजनाश्रम प्रबंधन और आयोजन समिति ने क्षेत्र के समस्त धर्मप्रेमी जनता से अनुरोध किया है कि इस पांच दिवसीय दिव्य महोत्सव, अखंड संकीर्तन में शामिल होने की अपील की है। आयोजन में बैकुंठ धाम थांदला के गुरु भक्तों ने भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। नगर के गुरु भक्ति की यात्रा में शामिल हुए। आज की अन्नपूर्णा पूजन का लाभ कृष्णा बेन त्रिवेदी,वेंकट त्रिवेदी और मुकेश सोनी परिवार द्वारा लिया गया।

.jpg)


.jpg)
















